देश की खबरें | जम्मू कश्मीर: विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी नेता की टिप्पणी हटाई, भाजपा विधायकों ने किया बहिर्गमन

जम्मू, पांच मार्च जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर द्वारा 13 जुलाई 1931 के ‘शहीदों’ पर नेता प्रतिपक्ष की ‘‘अपमानजनक टिप्पणी’’ को सदन की कार्यवाही से हटाने की घोषणा किये जाने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी 28 सदस्य बुधवार को सदन से बहिर्गमन कर गए।

विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) विधायक वहीदुर्रहमान पारा के भाषण के जवाब में ‘शहीदों’ के खिलाफ यह टिप्पणी की थी।

पारा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के सम्मान में 13 जुलाई और पांच दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश बहाल करने की मांग की थी।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सदस्य एम वाई तारिगामी और कांग्रेस नेता निजामुद्दीन भट ने भी 1931 के ‘शहीदों’ के खिलाफ की गई टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने तथा नेता प्रतिपक्ष के माफी मांगने की मांग की।

बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने ‘‘अपमानजनक टिप्पणी’’ को सदन की कार्यवाही से हटाने की घोषणा की, जिसके बाद भाजपा के सभी 28 सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

श्रीनगर केंद्रीय कारागार के बाहर, 1931 में डोगरा महाराजा के सैनिकों की गोलीबारी में जान गंवाने वाले 22 लोगों की याद में जम्मू कश्मीर में 13 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश रहता था।

हालांकि, शेख अब्दुल्ला की जयंती के अवसर पर पांच दिसंबर के सार्वजनिक अवकाश के साथ-साथ इस अवकाश को भी 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने तथा जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किये जाने के बाद, उपराज्यपाल प्रशासन ने रद्द कर दिया था।

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