देश की खबरें | जामिया के छात्रों ने 17 साथियों के निलंबन के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार किया, ज्ञापन सौंपा

नयी दिल्ली, 17 फरवरी जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के कई छात्रों ने दो पीएचडी छात्रों के खिलाफ पूर्व में की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने वाले 17 छात्रों के निलंबन के विरोध में सोमवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया।

छात्रों का समर्थन करते हुए बिहार के काराकाट से सीपीआई-माले लिबरेशन के सांसद राजा राम सिंह ने जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति मजहर आसिफ से छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेने और "छात्रों के व्यक्तिगत विवरण को अवैध रूप से प्रकाशित करने" के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर को हटाने का आग्रह किया।

वामपंथी दलों से संबद्ध अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने विश्वविद्यालय पर छात्रों की सक्रियता को दबाने का आरोप लगाया। आइसा ने ही बहिष्कार का आह्वान किया था।

छात्र संगठन ने एक बयान में कहा, "जामिया प्रशासन हमें बाहर कर सकता है, लेकिन हमारे प्रतिरोध को दबा नहीं सकता। दमन के खिलाफ छात्र एकजुट हैं। हम चुप रहने से इनकार करते हैं।"

प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाइजीनिक कैंटीन से 'डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर' (डीएसडब्ल्यू) के कार्यालय तक मार्च निकाला और निलंबन को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है, "डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर के रूप में आपसे छात्रों के कल्याण के बारे में चिंतित होने की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, इन 17 छात्रों के खिलाफ परिसर में हो रही घटनाएं उस जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं हैं।"

आइसा से जुड़े जामिया के छात्र उमैर ने 'पीटीआई-' को बताया कि छात्रों ने मांगें पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

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