नयी दिल्ली, 18 फरवरी रियल एस्टेट डेवलपर को पट्टे पर देने के लिए बनाई गई वाणिज्यिक संपत्तियों पर सीजीएसटी के तहत इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उद्योग निकाय फिक्की और एसोचैम ने यह मांग की है।
उद्योग निकायों ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर अचल संपत्ति का निर्माण पट्टा सेवाओं के लिए करने पर आईटीसी का लाभ उठाने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
उन्होंने तर्क दिया है कि आईटीसी की अनुमति देने से राजस्व पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसके बजाय, इससे रियल एस्टेट क्षेत्र और समग्र अर्थव्यवस्था में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय माल एवं सेवा अधिनियम (सीजीएसटी) में पिछली तारीख से संशोधन से संबंधित बजट प्रस्ताव के मद्देनजर यह मांग की गई। इस प्रस्ताव के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह पट्टे वाली संपत्तियों पर आईटीसी दावे से संबंधित उच्चतम न्यायालय के फैसले को दरकिनार कर देगा।
उनका मानना है कि इस कदम से कार्यालय परिसरों, शॉपिंग मॉल और गोदामों जैसी वाणिज्यिक संपत्तियों के निर्माण और पट्टे पर इनपुट कर क्रेडिट की मांग करने वाली रियल एस्टेट कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
फिक्की ने मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह आईटीसी का लाभ उठाने की अनुमति देने के लिए स्पष्टीकरण जारी करे।
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