श्रीनगर, 20 फरवरी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेना की उपस्थिति को कम करना सरकार का विवेकाधिकार है।
नेशनल कांफ्रेंस के मुख्यालय में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह सरकार का मामला है। वह कितना कम या ज्यादा (सेना की उपस्थिति) करेगी, यह उसका विवेकाधिकार है। मैं इसमें कुछ नहीं कह सकता।’’
श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मीडिया में आयी उन खबरों के संबंध में किए गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिनमें दावा किया गया है कि सरकार कश्मीर के घाटी वाले इलाकों से चरणबद्ध तरीके से सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है।
संघ शासित प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को ‘रोकने’ के सरकार के फैसले की खबरों पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘यह लोगों के विरोध (अतिक्रमण विरोधी अभियान) के कारण हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह लोगों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के कारण हुआ है। अगर लोगों ने विरोध नहीं किया होता, तो उन्होंने (अतिक्रमण विरोधी) अभियान और तेज कर दिया होता। लोगों को याद रखना चाहिए कि उनके पास सरकार को हिला देने की ताकत है।’’
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