नयी दिल्ली, दो मार्च केरल के उद्योग मंत्री पी राजीव ने कहा है कि प्रौद्योगिकी का सही तरीके से इस्तेमाल करके काम के घंटे कम किए जा सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य में उत्पादकता अधिक है। मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कर्मचारियों के काम के घंटों को लेकर बहस जारी है।
गौतलब है कि केरल में लगभग नौ साल से सत्ता में रही वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार राज्य को निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है।
कृत्रिम मेधा (एआई) सहित प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण को अपनाने के चलन के बीच राजीव ने कहा कि कोई भी नहीं बता सकता कि भविष्य में क्या होगा, लेकिन काम के घंटे कम करने की कोशिश होनी चाहिए, न कि बढ़ाने की।
राजीव ने कहा, ‘‘केरल की क्षमता यह है कि आठ घंटों के दौरान आपको सबसे अच्छी उत्पादकता मिलनी चाहिए। यही केरल का लाभ है। आईबीएम ने मुझे बताया कि वे एक साल में केवल 100 लोगों को भर्ती करेंगे, लेकिन उन्होंने 1,500 से अधिक लोगों को भर्ती किया। इसका कारण यह है कि इन लोगों ने एक साल में दो सफल टूल विकसित किए। एक फेसबुक के लिए और दूसरा डेल्टा एयरलाइंस के लिए।’’
केरल के लाभ के बारे में मंत्री ने कहा कि राज्य में अच्छी वायु और जल गुणवत्ता है।
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