ताजा खबरें | अपराध एवं अपराधियों के नए तौर-तरीकों से निपटने के लिये जांच एजेंसियों को सबल बनाना जरूरी : भाजपा

नयी दिल्ली, चार अप्रैल भाजपा ने दंड प्रक्रिया शिनाख्त विधेयक को लेकर विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए सोमवार को कहा कि इसे राजनीति के चश्मे से ऊपर उठकर देखना चाहिए क्योंकि नए-नए अपराध सामने आने और अपराधियों द्वारा नए तौर-तरीके अपनाने को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियों को सबल बनाना जरूरी है।

लोकसभा में ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विष्णु दयाल राम ने कहा कि हमें इस विधेयक को राजनीति के चश्मे से ऊपर उठकर देखना चाहिए। 102 साल पुराने कानून में संशोधन किया गया है ताकि आधुनिक तकनीक के आधार पर अपराध के मामले में गिरफ्तार लोगों का विभिन्न प्रकार का ब्यौरा एकत्र करने की व्यवस्था हो।

उन्होंने कहा कि इन उपायों से जांच अधिकारियों को अपराध की जांच एवं दोष सिद्धि में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि आज अपराधियों एवं अपराध का दायरा असीमित हो गया है, नए-नए अपराध सामने आ रहे हैं और अपराधी नए तौर-तरीकों को अपना रहे हैं।

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘ऐसे में जांच एजेंसियों को सबल बनाना जरूरी है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में अपराधी बच जाते हैं।

विष्णु दयाल राम ने कहा कि विधि आयोग ने भी कहा था कि ऐसे मामलों में पहचान के लिये एकत्र किये जाने वाले नमूनों या माप को सीमित नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के संबंध में ऐसे सबूत जरूरी हैं और इनका दायरा बढ़ाना भी आवश्यक है।

उन्होंने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के सुझाव का भी जिक्र किया ।

विधेयक को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि यह कहना गलत है कि इस संबंध में कानून केंद्र सरकार नहीं बना सकती है। उन्होंने कहा कि यह भी कहना सही नहीं है कि यह राज्यों के अधिकार में दखलंदाजी होगी।

भाजपा सांसद ने कहा कि निजता का अधिकार महत्वपूर्ण है और इसकी सभी को कद्र करनी चाहिए, लेकिन हमें मालूम होना चाहिए कि निजता का अधिकार पूर्ण नहीं होता है और यह बंधन के दायरे में होता है।

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