लखनऊ, 14 फरवरी उत्तर प्रदेश के मंत्री असीम अरुण ने शुक्रवार को हास्य कलाकारों को हंसी-मजाक और सम्मान बनाए रखने के बीच एक जिम्मेदाराना संतुलन बनाने की हिदायत दी।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने एक सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर पोस्ट में कुछ व्यक्तियों द्वारा कमजोर समुदायों के खिलाफ विवादास्पद चुटकुले बनाए जाने पर निराशा व्यक्त की।
भाजपा नेता ने विशेष रूप से एक लोकप्रिय यूट्यूबर कॉमेडियन का जिक्र किया, जो हाल ही में विकलांग लोगों का मजाक उड़ाने के लिए जांच के दायरे में आया था।
मंत्री ने कहा कि मजाक किसी की व्यक्तिगत परिस्थितियों, उपस्थिति या चुनौतियों का उपहास करने पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कलाकारों से मजाक उड़ाने के बजाय अपनी कला के माध्यम से दिलों के दिलों में जगह बनाने का आग्रह किया।
अरुण ने कहा, ‘‘जब हम बच्चे थे, तब गंजेपन, मोटापे और इसी तरह की चीजों के बारे में मजाक करना बहुत आम बात थी। आज समाज अधिक संवेदनशील हो गया है और इस तरह का मजाक चलन से बाहर हो गया है। दुख की बात है कि कुछ लोग फिर से असंवेदनशील हो गए हैं।’’
मंत्री ने यह भी कहा कि इन दोनों सुर्खियों में एक यूट्यूबर कॉमेडियन ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उसने विकलांग लोगों के बारे में मजाक किया।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी की विकलांगता, गरीबी, कपड़े, या उपस्थिति का उपहास करना एक कलाकार पर सवाल उठाता है। क्या कॉमेडी को किसी की व्यक्तिगत स्थिति का मजाक उड़ाने पर निर्भर होना चाहिए? क्या कॉमेडी केवल आहत करने वाली बातें कहकर की जा सकती है? कॉमेडियन के लिए चुनौती मजाक और सम्मान के बीच संतुलन बनाना है।’’
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