देश की खबरें | कोविड-19 की त्वरित जांच किट विकसित करने पर काम कर रही इजराइली टीम भारत आएगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इजराइल ने बृहस्वतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से संयुक्त रूप से लड़ने की कोशिश के तहत वह एक अनुसंधान टीम को एक विशेष विमान से भारत भेज रहा है। यह टीम इस रोग की जांच के लिये एक त्वरित जांच किट विकसित करने पर भारतीय वैज्ञानिकों के साथ काम कर रही है। यह किट 30 सेकेंड में परिणाम दे सकती है।
नयी दिल्ली,23 जुलाई इजराइल ने बृहस्वतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से संयुक्त रूप से लड़ने की कोशिश के तहत वह एक अनुसंधान टीम को एक विशेष विमान से भारत भेज रहा है। यह टीम इस रोग की जांच के लिये एक त्वरित जांच किट विकसित करने पर भारतीय वैज्ञानिकों के साथ काम कर रही है। यह किट 30 सेकेंड में परिणाम दे सकती है।
इजराइली दूतावास ने एक बयान में कहा कि आने वाले हफ्तों में इजरइल का विदेश, रक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों देशों के बीच एक अभूतपूर्व कोविड-19 रोधी सहयोग अभियान का नेतृत्व करेगा।
बयान में कहा गया है, ‘‘तेल अवीव से एक विशेष विमान के नयी दिल्ली पहुंचने की योजना है। इसमें इजराइली रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तर की अनुसंधान एवं विकास टीम आएगी, जो 30 सेकेंड के अंदर कोविड-19 का पता लगाने वाली जांच किट विकिसित करने के लिये भारत के मुख्य वैज्ञानिक के. विजय राघवन और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ काम रही है। ’’
दूतावास ने कहा कि भारतीय विकास एवं उत्पादन क्षमताओं के साथ इजराइली प्रौद्योगिकी का समन्वय करने का उद्देश्य महामारी के बीच शीघ्रता से सामान्य जीवन बहाल करना है।
यह भी पढ़े | अधिसूचना जारी, अब भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को मिलेगा स्थायी कमीशन.
बयान में कहा गया कि इस विमान से मैकनिकल वेंटिलेटर आएंगे, जिसकी इजराइल सरकार ने भारत को निर्यात करने की विशेष अनुमति दी है।
बयान में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बार टेलीफोन पर बातचीत की है, जिसमें उन्हें वायरस से निपटने में परस्पर सहयोग का वादा किया और दोनों देशों के बीच संयुक्त प्रौद्योगिकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधन की प्रतिबद्धता जताई।
बयान में कहा गया है कि भारत अभी 10 लाख से अधिक कोविड-19 के मामलों का सामना कर रहा है और भारत अपने अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उपलब्ध करना चाहता है, ताकि वे देश की विशाल आबादी में बड़े पैमाने पर फैल सकने वाले संक्रमण से निपटने के लिये तैयार हो सकें।
बयान में कहा गया है कि तीन मंत्रालयों ने भारत भेजी जाने वाली इजराइली कंपनियों को चुना है। इससे निगरानी एवं उपचार प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल इस देश तक अनूठी पहुंच की संभावना बनी है। प्रौद्योगिकी से रोगियों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच संपर्क घटेगा।
इसमें कहा गया है कि भारत के बाजार में इसके विकास एवं उत्पादन क्षमताओं के दरवाजे खुलने से इन इजराइली प्रौद्योगिकी का कम लागत पर बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा और जिसे भविष्य में संयुक्त रूप से तीसरे देश को भी बेचा जा सकेगा।
भारत में नियुक्त इजराइली राजदूत रोन मल्का ने कहा, ‘‘मैं इस इजराइली प्रतिनिधिमंडल का भारत में नेतृत्व कर गौरवान्वित महसूस करूंगा। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि भारत और इजराइल इस संकट से दुनिया को निकालने के लिये नवोन्मेषी एवं किफायती हल तलाशने में साथ मिल कर काम कर सकते हैं। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2020 08:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

