क्या पानी को एक से अधिक बार उबालना ठीक है, या आपको हर बार केतली खाली करनी चाहिए?
केतली लगभग हर घर में एक आवश्यक वस्तु है - इसके बिना हम गर्म पेय कैसे बनाएंगे? लेकिन क्या केतली में पिछली बार के बचे पानी को दोबारा उबालना ठीक है? हालांकि पानी को उबालने से वह कीटाणुरहित हो जाता है, लेकिन आपने सुना होगा कि पानी को एक से ज्यादा बार उबालने से वह हानिकारक हो जाता है और इसलिए आपको हर बार केतली खाली कर देनी चाहिए.
वोलोंगोंग (ऑस्ट्रेलिया), 20 जुलाई : केतली लगभग हर घर में एक आवश्यक वस्तु है - इसके बिना हम गर्म पेय कैसे बनाएंगे? लेकिन क्या केतली में पिछली बार के बचे पानी को दोबारा उबालना ठीक है? हालांकि पानी को उबालने से वह कीटाणुरहित हो जाता है, लेकिन आपने सुना होगा कि पानी को एक से ज्यादा बार उबालने से वह हानिकारक हो जाता है और इसलिए आपको हर बार केतली खाली कर देनी चाहिए. ऐसे दावों के साथ अक्सर यह तर्क भी दिया जाता है कि दोबारा उबाले गए पानी में कथित रूप से खतरनाक पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिनमें आर्सेनिक जैसी धातुएं या नाइट्रेट और फ्लोराइड जैसे लवण शामिल हैं. यह सच नहीं है. यह समझने के लिए आइए देखें कि हमारे नल के पानी में क्या है और उसे उबालने पर असल में क्या होता है.
हमारे यहां नल से आने वाले पानी में क्या है?
आइए, ‘सिडनी वाटर’ द्वारा आपूर्ति किये जाने वाले नल के पानी का उदाहरण लें, जो ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी जल प्रदाता है और सिडनी, ब्लू माउंटेन और इलावारा क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करती है. इलावारा क्षेत्र के लिए जनवरी से मार्च 2025 तिमाही के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पानी में लौह एवं सीसा जैसी धातुओं की मात्रा बहुत कम थी, मैग्नीशियम का स्तर इतना कम था कि उसका स्वाद नहीं लिया जा सकता था, तथा सोडियम का स्तर लोकप्रिय शीतल पेयों की तुलना में काफी कम था. यह भी पढ़ें : कमर दर्द से हैं परेशान? रोजाना इतने मिनट की वॉक से मिलेगा फायदा; नई रिसर्च ने बताया कितना चलना है जरूरी
ये और अन्य सभी निगरानी किए गए गुणवत्ता मानदंड उस अवधि के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पेयजल दिशानिर्देशों के अनुरूप थे. अगर आप इस पानी से चाय बनाते हैं, तो उसे दोबारा उबालने से कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी. जानिए क्यों. रसायनों के इतने कम स्तर को सांद्रित करना कठिन है. पानी में पदार्थों को सांद्रित करने के लिए, आपको कुछ तरल को वाष्पित करना होगा जबकि रसायन वहीं रह जाएंगे. पानी किसी भी तापमान पर वाष्पित हो जाता है, लेकिन ज़्यादातर वाष्पीकरण क्वथनांक पर होता है - जब पानी भाप में बदल जाता है. उबलने के दौरान, कुछ वाष्पशील कार्बनिक यौगिक हवा में निकल सकते हैं, लेकिन अकार्बनिक यौगिकों (जैसे धातु और लवण) की मात्रा अपरिवर्तित रहती है. यद्यपि पीने के पानी को उबालने पर उसके वाष्पित होने से अकार्बनिक यौगिकों की सांद्रता बढ़ सकती है, लेकिन साक्ष्य दर्शाते हैं कि यह इतनी अधिक नहीं होती कि यह खतरनाक हो जाए.
मान लीजिए कि आप सुबह के समय केतली में एक लीटर नल का पानी उबालते हैं, और आपके नल के पानी में फ्लोराइड की मात्रा एक मिलीग्राम प्रति लीटर है, जो ऑस्ट्रेलियाई दिशानिर्देशों की सीमा के भीतर है. आप 200 मिलीलीटर उबले हुए पानी से एक कप चाय बनाते हैं. फिर दोपहर में बचे हुए पानी को दोबारा उबालकर एक और कप चाय बनाते हैं. दोनों अवसरों पर, यदि उबलना शुरू होने के तुरंत बाद गर्म करना बंद कर दिया जाता, तो वाष्पीकरण द्वारा पानी की हानि कम होती, तथा प्रत्येक कप चाय में फ्लोराइड की मात्रा समान होती. लेकिन मान लीजिए कि दूसरा कप बनाते समय आप पानी को तब तक उबलने देते हैं जब तक केतली में मौजूद 100 मिलीलीटर पानी वाष्पित न हो जाए. फिर भी, चाय के दूसरे कप के साथ आपके द्वारा ग्रहण की गई फ्लोराइड की मात्रा (0.23 मिलीग्राम) पहले कप चाय के साथ ग्रहण की गई फ्लोराइड की मात्रा (0.20 मिलीग्राम) से बहुत अधिक नहीं होगी.
यही बात आपूर्ति किये गये जल में मौजूद अन्य खनिजों या कार्बनिक पदार्थों पर भी लागू होती है. आइए सीसे की बात करें: जैसा कि ऊपर बताया गया है, इलावारा क्षेत्र में आपूर्ति किये जाने वाले पानी में सीसे की मात्रा 0.0001 मिलीग्राम प्रति लीटर से भी कम थी. एक कप पानी में असुरक्षित सीसे की सांद्रता (ऑस्ट्रेलियाई दिशानिर्देशों के अनुसार 0.01 मिलीग्राम प्रति लीटर) तक पहुंचने के लिए, आपको लगभग 20 लीटर नल के पानी को 200 मिलीलीटर तक उबालना होगा. व्यावहारिक रूप से ऐसा होना असंभव है - ज़्यादातर इलेक्ट्रिक केतली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे थोड़ी देर उबलने के बाद अपने आप बंद हो जाती हैं. जब तक आप जो पानी इस्तेमाल कर रहे हैं वह पीने के पानी के दिशानिर्देशों के अनुसार है, तब तक आप इसे अपनी केतली में हानिकारक स्तर तक केंद्रित नहीं कर सकते.
लेकिन स्वाद का क्या? दोबारा उबाला गया पानी आपके पेय पदार्थों के स्वाद को प्रभावित करता है या नहीं, यह पूरी तरह से आपके स्थानीय जल आपूर्ति की विशिष्टताओं और आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा. खनिज सांद्रता में मामूली परिवर्तन, या उबलते समय पानी से घुली ऑक्सीजन की हानि कुछ लोगों के लिए स्वाद को प्रभावित कर सकती है - हालांकि ऐसे कई अन्य कारक हैं जो आपके नल के पानी के स्वाद को प्रभावित करते हैं. मूल बात यह है कि जब तक आपकी केतली का पानी मूल रूप से सुरक्षित पेयजल के दिशानिर्देशों के अनुरूप है, तब तक यह बार-बार उबालने के बाद भी सुरक्षित और पीने योग्य बना रहेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2025 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

