मुंबई, 11 अक्टूबर बीमा नियामक इरडाई की एक समिति ने सूक्ष्म बीमा कंपनियों के प्रवेश स्तर पर न्यूनतम शेयर पूंजी आवश्यकता को मौजूदा 100 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया है, ताकि देश में बीमा बाजार के इस क्षेत्र को तेजी से बढ़ाया जा सके।
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) ने सूक्ष्म बीमा को बढ़ावा देने के उपाए सुझाने के लिए इस समिति का गठन किया था।
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समिति ने कहा कि दूसरे देशों की तरह भारत को भी बीमा प्रसार बढ़ाने के लिए कई कंपनियों को आकर्षित करना होगा।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी की मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर, जब खासतौर से अनौपचारिक क्षेत्र सहित लाखों भारतीय अपनी नौकरी खो चुके हैं, और अब अधिक असुरक्षित जीवन जी रहे हैं, यह अधिक महत्वपूर्ण है।’’
उल्लेखनीय है कि कम आय वाले परिवारों के लिए बीमारी, दुर्घटना, मृत्यु या संपत्ति के नुकसान जैसी आपदाओं के बहुत गंभीर वित्तीय परिणाम हो सकते हैं और इससे उनके संसाधनों में कमी हो सकती है।
रिपोर्ट में यह सुझाव भी दिया गया है कि देश भर में इस व्यवसाय के विकास को बढ़ावा देने के लिए इरडाई और केंद्र सरकार को एक सूक्ष्म बीमा विकास कोष का गठन करना चाहिए।
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