तेहरान और वॉशिंगटन लंबे समय से दुश्मन हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2018 में जब परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया और उस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए तब से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया ।
एक अन्य विवाद में न्यूयॉर्क की एक अदालत ने 2012 में ईरान को 11 सितम्बर के हमले मामले में सात अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था। अदालत का कहना था कि ईरान ने अल-कायदा का सहयोग किया और उसके आतंकवादियों को अपने इलाके से यात्रा करने की अनुमति दी थी।
ईरान ने आरोपों से इंकार किया है और भुगतान करने से मना कर दिया।
रूहानी ने रविवार को टेलीविजन के मार्फत कैबिनेट की बैठक में कहा कि ‘‘हमारे केंद्रीय बैंक, हमारे विदेश मंत्रालय ने हाल में एक अच्छी कानूनी लड़ाई जीती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे 1.6 अरब डॉलर लग्जमबर्ग में थे और अमेरिका ने उस पर नजर गड़ा रखी थी।’’
उन्होंने घोषणा की कि महीनों के प्रयत्न के बाद ‘‘कुछ समय पहले हम सफल हुए और अमेरिकियों के चंगुल से इस धन को मुक्त करा लिया।’’
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