ट्रंप ने पश्चिम एशिया में इस नाजुक क्षण को ईरान के नेतृत्व के लिए एक संभावित ‘‘दूसरे अवसर’’ के रूप में प्रस्तुत किया ताकि और अधिक तबाही से बचा जा सके।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के विनाशकारी हमलों के बाद आगे की ‘‘कठिन’’ राह पर चर्चा करने के लिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकल्प जताया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने तक हमले जारी रहेंगे।
व्हाइट हाउस ने कहा कि इन हमलों में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है। हालांकि, ट्रंप ने यह रेखांकित किया कि इजराइल ने अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराए गए विशाल हथियार भंडार का उपयोग ईरान के नातांज स्थित मुख्य परमाणु संवर्धन केन्द्र, देश के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाने के लिए किया।
ट्रंप ने सोशल मंच ‘ट्रुथ’ पर कहा कि उन्होंने ईरान के नेताओं को चेतावनी दी थी कि ‘‘यह उससे भी कहीं अधिक बुरा होगा, जो वे सोचते हैं, अनुमान लगाते हैं, या उन्हें बताया गया है।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे अच्छे एवं सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है, और इनमें से काफी कुछ इजराइल के पास है और वे जानते हैं कि इसका उपयोग कैसे करना है।
दो अमेरिकी अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इजराइली हमलों के बाद अमेरिका अपने पोत समेत अन्य सैन्य साजो-सामान को पश्चिम एशिया में स्थानांतरित कर रहा है ताकि तेहरान के संभावित जवाबी हमलों से निपटा जा सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY