देश की खबरें | आईओए में छिड़ी जंग : बत्रा के खिलाफ और पक्ष में आईओसी को भेजे गये पत्र
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नयी दिल्ली, 12 जून भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अपने अध्यक्ष नरिंदर बत्रा को लेकर दो गुटों में बंटता हुआ दिख रहा है क्योंकि उसके एक उपाध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने जहां अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को अपनी ताजा अपील में उनके खिलाफ जांच की मांग की है वहीं एक अन्य उपाध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने उनका बचाव किया है।

मित्तल ने इससे पहले आईओए अध्यक्ष के रूप में बत्रा के चुनावों में अनियमितताओं को आरोप लगाया था। उन्होंने आईओसी अध्यक्ष थामस बाक को एक अन्य ईमेल किया है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय खेल संस्था के प्रमुख के गलत कामों के सबूत होने का दावा किया है।

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दूसरी तरफ एक अन्य उपाध्यक्ष सुमरिवाला ने कहा कि वह मित्तल के ‘बेबुनियाद आरोपों’ से बेहद दुखी हैं जिससे एक ईमानदार और मेहनती अध्यक्ष के सम्मान को चोट पहुंच रही है। बाक ने अभी तक इनमें से किसी का भी जवाब नहीं दिया है।

मित्तल ने बाक को लिखे गये पत्र आरोप लगाया है, ‘‘डा. बत्रा का आपको (बाक) भेजे गये संदेश में हाकी इंडिया के आजीवन सदस्य के रूप में भारतीय ओलंपिक संघ में प्रवेश करने की बात स्वीकार करना भारत की राष्ट्रीय खेल संहिता 2011 का उल्लंघन है जो किसी भी राष्ट्रीय खेल महासंघ के आजीवन सदस्य को आम सभा में मतदान का अधिकार नहीं देता है। ’’

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उन्होंने कहा, ‘‘मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि मैं 2021 में अध्यक्ष पद के दावेदारों में शामिल नहीं हूं ताकि डा. बत्रा इस मामले में शांत रहें। हालांकि उनकी धोखाधड़ी, झूठ, गलत कामों को उजागर करना होगा और इस तरह से इसमें सुधार करना होगा। ’’

मित्तल ने कहा, ‘‘मैं उनके विस्तृत जवाब का इंतजार करूंगा ताकि मैं तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपने पत्ते खोल सकूं जिससे उनका झूठ सामने आ जाएगा और उनकी बर्खास्तगी संभव होगी।’’

दूसरी तरफ सुमरिवाला ने बाक के भेजे गये अपने पत्र में बत्रा की खूब प्रशंसा की है और मित्तल पर आईओए अध्यक्ष पद पाने की महत्वाकांक्षा का आरोप लगाया है। सुमरिवाला भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के भी अध्यक्ष हैं।

उन्होंने लिखा है, ‘‘भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) में उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित एकमात्र ओलंपियन होने के नाते मुझे आईओसी के सदस्यों को भेजे जा रहे इस तरह के बेबुनियाद आरोपों वाले पत्रों से बेहद दुख होता है। ’’

सुमरिवाला ने कहा, ‘‘मित्तल जैसे सदस्य आईओए सदस्यता के तहत अध्यक्ष पद की अपनी उम्मीद्वारी को बढ़ाने के लिये इस तरह की रणनीति अपना रहे हैं जबकि आईओए में उनका कोई आधार या समर्थन नहीं है। उनका एकमात्र लक्ष्य ईमानदार और मेहनती अध्यक्ष डा. बत्रा को बदनाम करना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आईओसी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को आश्वासन देता हूं कि आईओए के सदस्यों को हमारे अध्यक्ष डा. नरिंदर बत्रा पर पूरा भरोसा और विश्वास है जिनका हम बहुत सम्मान करते हैं और जिन्होंने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिये बहुत काम किया है। ’’

उन्होंने बाक से मित्तल के पत्र को अवमानना के तौर पर देखने का आग्रह किया।

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