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Bahraich Internet Service Restored: बहराइच में चार दिन बाद इंटरनेट सेवा बहाल, पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से बंद इंटरनेट सेवा चार दिन बाद बृहस्पतिवार को बहाल कर दी गई और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

Bahraich Internet Service Restored: बहराइच में चार दिन बाद इंटरनेट सेवा बहाल, पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की

बहराइच (उप्र), 17 अक्टूबर : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से बंद इंटरनेट सेवा चार दिन बाद बृहस्पतिवार को बहाल कर दी गई और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. जिला पुलिस ने गलत सूचना, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है. स्थानीय अधिकारी हिंसा प्रभावित महाराजगंज कस्बे में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं और निवासियों से सांप्रदायिक सद्भाव को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है. बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक महाराजगंज बाजार में कुछ एक दुकानें ही खुली थीं. रविवार को बहराइच में दुर्गा पूजा के मौके पर मूर्ति विसर्जन यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर गोली लगने से 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई थी और पथराव तथा गोलीबारी में करीब छह लोग घायल हो गए थे. इस घटना के बाद तोड़फोड़ और आगजनी की गई. भीड़ ने घरों, दुकानों, शोरूम, अस्पतालों, वाहनों आदि में आग लगा दी जिसके बाद बहराइच पुलिस ने कई अज्ञात और कुछ नामजद लोगों के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज कीं. पुलिस ने इलाके में छापेमारी कर अब तक 55 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.

बृहस्पतिवार सुबह इंटरनेट सेवा बहाल होने के साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी ने एक वीडियो संदेश और लिखित अपील जारी करते हुए कहा, ‘‘महाराजगंज में 13 अक्टूबर को हुई घटना के संबंध में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं. मृतक को करंट लगने, तलवार से हमला करने या नाखून उखाड़ने के दावे निराधार हैं.’’ त्रिपाठी ने कहा, ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मौत का कारण गोली लगना है. इस घटना में और किसी की मौत नहीं हुई है. हम सभी से अनुरोध करते हैं कि अफवाहों पर ध्यान न दें और गलत सूचना न फैलाएं.’’ मंगलवार और बुधवार को महामंडलेश्वर स्वामी रवि गिरि महाराज, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्यामकरन टेकरीवाल और मौलाना कारी जुबैर अहमद कासमी समेत हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के धार्मिक नेताओं ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की. इस बीच, इंटरनेट सेवाएं बहाल होने से स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है. यह भी पढ़ें : CEC Rajiv Kumar Uttarakhand Visit: मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने पेश की साहसिकता की मिसाल, उत्तराखंड के भूतहा गांव में जीरो डिग्री टेम्परेचर में बिताई रात

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बहराइच चैप्टर के अध्यक्ष दीपक सोनी ने कहा, ‘‘इंटरनेट व्यापार के लिए उतना ही जरूरी हो गया है, जितना जीवन के लिए हवा, पानी और रोशनी. यहां तक कि रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता और छोटे व्यापारी भी ऑनलाइन भुगतान प्रणाली पर निर्भर हैं. इंटरनेट बंद होने से लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है. अब हमें सुधार की उम्मीद है.’’ फल विक्रेता एजाज ने कहा, “मैंने 14 अक्टूबर से अपना ठेला नहीं लगाया, क्योंकि हर कोई उधार मांग रहा था और कह रहा था कि इंटरनेट चालू होने पर भुगतान कर देंगे. मेरा काफी सामान खराब हो गया. आज थोड़ी राहत महसूस हो रही है और मैं फिर से अपना ठेला लगाऊंगा.’’

जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है. हरदी थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया, ‘‘महाराजगंज को छोड़कर सभी बाजार बुधवार को खुल गए. कुछ दुकानें जो बंद थीं, उनके आज खुलने की उम्मीद है. बुधवार को शांति समिति की बैठक के दौरान सदस्यों ने महाराजगंज निवासियों से अपने व्यवसाय को फिर से खोलने का आग्रह किया और हमें उम्मीद है कि आज ऐसा होगा.’’ नाम न उजागर करने की शर्त पर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार देर रात हिंसा के मुख्य आरोपी की तलाश में चांदपारा और नकवा गांवों में छापेमारी की गई, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. अधिकारियों के अनुसार, मृतक राम गोपाल मिश्रा के परिवार ने छह नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिनमें से अब तक केवल एक को ही गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2024 12:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).