इंदौर (मध्यप्रदेश), 29 मार्च विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताते हुए शनिवार को कहा कि भारत के इस पड़ोसी देश की अंतरिम सरकार वहां हिंदुओं पर जारी अत्याचार रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
विहिप के महासचिव मिलिंद परांडे ने इंदौर में बजरंग दल के एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी अत्याचार रोकने के लिए वहां की अंतरिम सरकार और सेना पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।"
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में पिछले साल हुए हिंसक और अराजक आंदोलन के बाद समूचे दक्षिण एशिया, खासकर भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा के संबंध में ‘‘खतरनाक स्थिति’’ बन गई है।
विहिप महासचिव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी अत्याचारों के बारे में विश्व समुदाय का मौन उसका ‘‘दोहरा रवैया उजागर’’ करता है।
उन्होंने कहा,‘‘सबको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि हिंदुओं के भी मानव अधिकार होते हैं।"
परांडे ने राणा सांगा को लेकर समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन की विवादित टिप्पणी को निंदनीय बताया और कहा कि सुमन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने समाज की भावनाओं को आहत किया है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के "गोशाला में दुर्गंध" वाले बयान को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर विहिप महासचिव ने कहा, ‘‘ गोमाता के संबंध में ऐसी बात पर भला मैं क्या कह सकता हूं? वह (यादव) इस तरह की बकवास के फल भोग ही रहे हैं। फिर भी उन्हें इसका ध्यान नहीं है कि हिंदू आस्था का अपमान नहीं करना चाहिए।’’
विहिप महासचिव ने कहा कि "हिंदू समुदाय के अस्तित्व की रक्षा के लिए" इस समुदाय के हर परिवार को दो से तीन बच्चे पैदा करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के ‘‘असीमित और अनियंत्रित अधिकारों’’ में कटौती होनी चाहिए और इसके लिए वक्फ बोर्ड के कानून में प्रस्तावित सभी सुधार किए जाने चाहिए।
परांडे ने एक सवाल पर कहा कि ‘‘एक देश, एक चुनाव’’ का विचार अमल में आने से चुनावों पर होने वाला खर्च घट जाएगा।
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