जरुरी जानकारी | बीमाकर्ताओं ने कहा: बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने से अतिरिक्त पूंजी आकर्षित होगी

मुंबई, एक फरवरी बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने के सरकार के प्रस्ताव से बीमा कंपनियों के लिये वित्तपोषण के नये स्रोत खुलेंगे। यह बीमा कंपनियों को कर्ज भुगतान करने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों ने सोमवार को यह प्रतिक्रिया दी।

बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि इससे बीमा उत्पादों की पहुंच बेहतर बनाने, रोजगार का सृजन करने और बीमा क्षेत्र में विलय व अधिग्रहण गतिविधियों को तेज करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2021-22 पेश करते हुए कहा, ‘‘मैं बीमा कंपनियों में एफडीआई की सीमा को मौजूदा 49 प्रतिशत से बढाकर 74 प्रतिशत करने के लिये बीमा अधिनियम 1938 में संशोधन का प्रस्ताव करती हूं। इसके साथ ही बीमा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को सुरक्षा उपायों के साथ मालिकाना हक रखने व नियंत्रण की अनुमति देने का भी प्रस्ताव करती हूं।’’

मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस के वरिष्ठ विश्लेषक (वित्तीय संस्थान) मोहम्मद अली लोंदे ने कहा कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करना क्रेडिट रेटिंग के लिहाज से सकारात्मक है। उन्होंने कहा, ‘‘अधिक विदेशी स्वामित्व की संभावना से बीमाकर्ताओं को वित्तीय लचीलापन मिलेगा और उन्हें कर्ज भुगतान करने की क्षमता बेहतर बनाने के लिये अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा जोखिम प्रबंधन के श्रेष्ठ तरीकों को साझा करने से भी बीमाकर्ताओं को लाभ होगा।’’

केनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुज माथुर ने कहा कि एफडीआई के प्रावधानों को आसान बनाना बीमा क्षेत्र के लिये सकारात्मक खबर है। पिछले साल के बजट में बीमा मध्यस्थों में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की मंजूरी दिये जाने के बाद से यह विदेशी कंपनियों की प्रमुख मांग थी। यह कदम व्यवसाय बढ़ाने के लिये अधिक पूंजी आकर्षित करने में बीमा कंपनियों की मदद करेगा और सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ायेगा।

रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश जैन ने कहा कि एफडीआई की सीमा में विस्तार उद्योग की पुरानी मांग थी। यह कदम अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा।

एडेलवीस जनरल इंश्योरेंस की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शनाई घोष ने कहा कि यह कदम बीमा क्षेत्र को मजबूती देगा। यह वैश्विक स्तर से काफी पीछे घरेलू बीमा क्षेत्र को उत्पादों की पहुंच बेहतर बनाने में मदद करेगा।

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