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देश की खबरें | किसानों के बीच 11,418 करोड़ रूपये का बीमा दावा बांटा गया: कटारिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कि राज्य में पिछले ढाई साल में किसानों के बीच 11,418 करोड़ रूपए का बीमा दावा बांटा गया है।

देश की खबरें | किसानों के बीच 11,418 करोड़ रूपये का बीमा दावा बांटा गया: कटारिया

जयपुर, एक जुलाई राजस्थान के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कि राज्य में पिछले ढाई साल में किसानों के बीच 11,418 करोड़ रूपए का बीमा दावा बांटा गया है।

कटारिया ने यहां दुर्गापुरा में कृषि प्रबंधन संस्थान से बीमा योजना के प्रचार वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 69 लाख फसल पॉलिसियों के विरूद्ध किसानों के बीच 11 हजार 418 करोड़ रूपए का बीमा दावा वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि खरीफ-2020 तक के लगभग सभी बीमा दावों का भुगतान कृषकों को किया जा चुका है एवं रबी 2020-21 तक का राज्यांश प्रीमियम स्वीकृत किया जा चुका है।

मंत्री ने अधिकारियों को बीमा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक काश्तकारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर से 38 प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है जो सभी जिलों में फसल बीमा योजना का प्रचार-प्रसार करेंगे। उनके अनुसार इसके अलावा जिला मुख्यालयों से भी 300 से अधिक प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है।

कटारिया ने किसानों से इस योजना का लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि खरीफ-2021 के लिए फसल बीमा शुरू हो चुका है जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है। खरीफ के लिए 14 फसलें अधिसूचित की गई है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल के लिए किसान का प्रीमियम दो प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जबकि वाणिज्यिक एवं उद्यानिकी फसलों के लिए पांच फीसदी प्रीमियम देना होगा।

कृषि मंत्री ने फसल बीमा सप्ताह की शुरूआत कार्यक्रम को डिजिटल संबोधित करते हुए केन्द्र सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रीमियम अनुदान पर लगाई गई 'कैपिंग' को हटाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से खरीफ-2020 से 25 प्रतिशत व 30 प्रतिशत प्रीमियम दर की 'कैपिंग' की गई है, जिससे वर्ष 2020-21 में राज्य को लगभग 200 करोड़ रूपए का अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना पड़ा है। उन्होंने इस 'कैपिंग' को हटाकर प्रीमियम अनुदान पूर्व वर्षों की भांति 50-50 प्रतिशत के अनुपात में करने का आग्रह किया है।

एक बयान के अनुसार कटारिया ने कोरोना महामारी के कारण राज्यों की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए खरीफ-2021 के राज्यांश प्रीमियम के चुकारे में शिथिलता देने का भी अनुरोध किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2021 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).