देश की खबरें | केरल में बिस्तर पर पड़े कोविड-19 रोगी के घावों में मिले कीड़े, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में कोविड-19 का उपचार कराकर घर लौटे एक व्यक्ति के परिवार ने दावा किया कि है कि इस व्यक्ति के अस्पताल में बिस्तर पर पड़े रहने के दौरान हुए घावों में कीड़े पाए गए हैं।
तिरुवनंतपुरम, 28 सितंबर केरल में कोविड-19 का उपचार कराकर घर लौटे एक व्यक्ति के परिवार ने दावा किया कि है कि इस व्यक्ति के अस्पताल में बिस्तर पर पड़े रहने के दौरान हुए घावों में कीड़े पाए गए हैं।
इसके बाद केरल की स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने सोमवार को जांच के आदेश दिए और चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक से रिपोर्ट दायर करने को कहा।
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अनिल कुमार (55) के परिजनों ने रविवार शाम स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जब कुमार को घर भेजा तो बिस्तर पर पड़े रहने की वजह से उसके शरीर में हुए घावों में कीड़े पड़े मिले।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक से घटना की जांच करने और रिपोर्ट दायर करने को कहा गया है।’’
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पेशे से मजदूर कुमार को 21 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कुमार की पुत्री अंजना ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें आईसीयू में ले जाया गया। वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। अस्पताल के अधिकारियों ने हमसे पृथक-वास में रहने को कहा।’’
अंजना ने कहा, ‘‘जब हमने अपने पिता की स्थिति के बारे में पूछा तो हमें आश्वासन दिया गया कि उनकी अच्छी देखभाल की जा रही है।’’
कुमार के बेटे अभिलाष ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि उनके पिता की हालत स्थिर है और वे उन्हें छुट्टी देने जा रहे हैं।
अभिलाष ने कहा, ‘‘उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर अधिकारियों ने एंबुलेंस में उनके साथ एक नर्स को भेजा, लेकिन जब उन्हें हमारे घर में बिस्तर पर लिटाया गया तो हमें उनके घावों में कीड़े मिले।’’
उधर, केरल में एक अन्य घटना में मलप्पुरम जिला निवासी एक गर्भवती महिला को अस्पतालों में कथित तौर पर समय पर उपचार उपलब्ध नहीं हो पाया जिससे उसके गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की मौत हो गई।
मामले के अनुसार इस महिला को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार सुबह तीन अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल के बहाने उसे समय पर उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। अंत में उसे कोझिकोड में गंभीर हालत में सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार को उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई।
राज्य सरकार ने सोमवार को इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
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