नयी दिल्ली, 11 मार्च इंडसइंड बैंक ने मंगलवार को लेखा विसंगति के कारण हुए 2,100 करोड़ रुपये के नुकसान के असर को कम करने की भरपूर कोशिश की और कहा कि उसके पास इस झटके से उबरने के लिए पर्याप्त पूंजी है।
प्रबंधन के भरोसा दिलाने के बावजूद बैंक का शेयर 27 प्रतिशत टूट गया।
इंडसइंड बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक सुमंत कठपालिया ने कहा कि लेखा चूक के बारे में पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के आसपास पता चला, और बैंक ने पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इस बारे में बताया।
बैंक को हुए नुकसान के अंतिम आंकड़े बाहरी एजेंसी की पड़ताल के बाद पता चलेंगे। बैंक ने बाहरी एजेंसी की नियुक्ति कर दी है, जो अपनी रिपोर्ट अप्रैल की शुरुआत में देगी।
निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक ने सोमवार को शेयर बाजारों के बताया कि उसने अपने वायदा-विकल्प पोर्टफोलियो में कुछ विसंगतियों का पता लगाया है। बैंक की आंतरिक समीक्षा के अनुसार, इस वजह से दिसंबर, 2024 तक बैंक की कुल संपत्ति के लगभग 2.35 प्रतिशत तक प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विश्लेषकों ने विसंगति के चलते 2,100 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। बैंक ने आंतरिक निष्कर्षों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा और सत्यापन के लिए एक बाहरी एजेंसी नियुक्त की है।
कठपालिया ने कहा, ‘‘बैंक की लाभप्रदता और पूंजी पर्याप्तता इस एकमुश्त प्रभाव को झेलने के लिए बेहतर स्थिति में है। इस समस्या की पहचान बैंक ने खुद की... बैंक के पास इसे प्रबंधित करने के लिए पर्याप्त भंडार और पूंजी है।''
इंडसइंड बैंक का शेयर बीएसई में 27.17 प्रतिशत गिरकर 655.95 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान इसने 649 रुपये प्रति शेयर के अपने एक साल के निचले स्तर को छुआ।
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