जरुरी जानकारी | चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 6.5-6.8 प्रतिशत रहेगीः डेलॉयट

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर सलाहकार फर्म डेलॉयट इंडिया ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5-6.8 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। त्योहारी मौसम में खर्च बढ़ने और अगले साल आम चुनावों के पहले सरकारी खर्च बढ़ने से इस वृद्धि को समर्थन मिलेगा।

डेलॉयट ने महीने की शुरुआत में जारी अपनी भारत आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा है कि भारत को वर्ष 2027 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए हर वित्त वर्ष में कम से कम 6.5 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनने के लिए सालाना आठ-नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि की जरूरत होगी।

जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो कि एक साल पहले की अवधि के 7.2 प्रतिशत से अधिक है।

डेलॉयट इंडिया ने कहा, ‘‘पहली तिमाही की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए हमने इस वर्ष के लिए अपने वृद्धि अनुमान को संशोधित किया है। हमें उम्मीद है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5-6.8 प्रतिशत के दायरे में बढ़ेगा। इसका मुख्य कारण आने वाले महीनों में त्योहारी खर्च बढ़ना और उसके बाद अगले साल के मध्य में होने वाले चुनावों से पहले सरकारी खर्चों में तेजी आना है।’’

इसके साथ ही डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी से निपटना निस्संदेह आसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि भारत को अपनी आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए अपनी घरेलू मांग पर निर्भर रहना होगा और इसके लिए विशेष रूप से निजी खपत और निवेश खर्च पर ध्यान देना होगा।

भारत इस समय 3.4 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

इसके साथ ही डेलॉयट ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर अगले साल 6.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान जताया है।

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