जरुरी जानकारी | नरमी के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा, महंगाई को काबू में रखने में सफल: पीयूष गोयल

कोयंबटूर, एक सितंबर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत का निर्यात बढ़कर 776 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो दो साल पहले 500 अरब डॉलर था।

उन्होंने कहा कि नरमी, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विम महामारी के कठिन दौर के बावजूद भारत ने यह शानदार वृद्धि हासिल की है।

भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) के 11वें एशियाई कपड़ा सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने बुधवार को कहा कि दो साल में यह उल्लेखनीय उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों के कारण हासिल की गई। उन्होंने इस बात को तवज्जो दी कि केंद्र तथा राज्य सरकारों को सभी नागरिकों के बेहतर भविष्य के लिए सहकारी संघवाद की भावना से सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ पिछला साल एक कठिन दौर था। सभी को लगा कि निर्यात में जो तेजी है, वह कायम नहीं रह पाएगी। हालांकि 2021-22 में 500 अरब डॉलर से बढ़कर 675 अरब डॉलर होने के बाद, हमारा निर्यात 2022-23 में 675 अरब डॉलर से बढ़कर 776 अरब डॉलर हो गया।’’

गोयल ने कहा कि दो साल में यह उपलब्धि हासिल की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘ कोविड-19 वैश्विक महामारी अभी गई नहीं है और रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद, भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। जीडीपी के आकार के मामले में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश सबसे कम मुद्रास्फीति बनाए रखने में सक्षम रहा है।’’

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि दुनिया चुनौतीपूर्ण समय का सामना कर रही है और अमेरिका, यूरोप तथा अन्य सभी विकसित देश आर्थिक सुस्ती तथा मंदी का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ यहां तक कि चीन ने भी अपनी आर्थिक गतिविधियों में गिरावट देखी है। इस स्थिति में, मुझे बहुत गर्व है कि हमारा कपड़ा उद्योग मजबूती से खड़ा है और अच्छा कर रहा है। मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि भविष्य में भी हम फिर से भारत का खोया हुआ गौरव, भारत तथा तमिलनाडु के कपड़ा क्षेत्र का खोया हुआ गौरव फिर से हासिल करेंगे और इस क्षेत्र में अग्रणी होंगे।’’

कोयंबटूर के दौरे पर केंद्रीय मंत्री ने पुनर्निर्मित दक्षिणी भारत मिल्स एसोसिएशन (एसआईएमए) भवन का उद्घाटन किया और इसके संस्थापक आर के शनमुखम चेट्टी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

दो दिवसीय सम्मेलन 31 अगस्त को शुरू हुआ। इसमें वैश्विक कपड़ा और परिधान क्षेत्र से जुड़े 400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

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