नयी दिल्ली, 23 जून देश में कच्चे इस्पात के उत्पादन में मई में लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज की गयी। वर्ल्डस्टील के मुताबिक मई में यह 39 प्रतिशत गिरकर 57.6 लाख टन रहा।
वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (वर्ल्डस्टील), इस्पात उद्योग से जुड़ा एक वैश्विक संगठन है।
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देश में 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन ने इस्पात के उत्पादन, मांग और आपूर्ति को प्रभावित किया। लॉकडाउन में राहत मई से मिलनी शुरू हुई जबकि जून से सरकार ने अर्थव्यवस्था को फिर से धीरे-धीरे खोलना शुरू किया है।
पिछले साल मई में देश का कच्चा इस्पात उत्पादन 94.6 लाख टन था।
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वर्ल्डस्टील की नवीनतम रपट के मुताबिक देश के इस्पात उत्पादन में मार्च से गिरावट जारी है।
इस साल मार्च में भारत का कच्चा इस्पात उत्पादन 86.5 लाख टन था जो मार्च 2019 के 1.04 करोड़ टन से 14 प्रतिशत कम था। अप्रैल में यह 31.3 लाख टन रहा जो पिछले साल अप्रैल के 90.2 लाख टन से 65 प्रतिशत से भी ज्यादा नीचे था।
वर्ल्डस्टील के मुताबिक मई में वैश्विक कच्चा इस्पात उत्पादन भी 8.7 प्रतिशत घटकर 14.88 करोड़ टन रहा जो मई 2019 में 16.30 करोड़ टन था।
मई में चीन के कच्चे इस्पात उत्पादन में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। यह 9.22 करोड़ टन रहा जबकि पिछले साल मई में यह 8.85 करोड़ टन था।
समीक्षावधि में अमेरिका का कच्चा इस्पात उत्पादन 36.6 प्रतिशत गिरकर 47.9 लाख टन, जापान का 31.8 प्रतिशत टूटकर 59.1 लाख टन, दक्षिण कोरिया का 14 प्रतिशत गिरकर 53.8 लाख टन, जर्मनी का 18.9 प्रतिशत घटकर 28.5 लाख टन, इटली का 43.6 प्रतिशत टूटकर 12.5 लाख टन, फ्रांस का 36.5 प्रतिशत गिरकर 7.84 लाख टन और स्पेन का 33.7 प्रतिशत गिरकर 8.33 लाख टन रहा।
रूस ने इस दौरान 60 लाख टन और ब्राजील ने 21.8 लाख टन इस्पात उत्पादित किया।
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