नयी दिल्ली, 30 अप्रैल केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि वैश्विक स्तर पर अपना अलग स्थान बनाने वाले भारतीय टीका बाजार का मूल्यांकन 2025 तक 252 अरब रुपये का हो जाएगा।
ब्रिटेन के आधिकारिक दौरे पर गए केंद्रीय मंत्री ने जैव-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप और टीका विकास क्षेत्र में भी दोनों देशों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
लंदन साइंस म्यूजियम के दौरे पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि दुनिया तेजी से निवारक स्वास्थ्य देखभाल में भारत की उत्कृष्ट क्षमताओं को महसूस कर रही है और देश अब कई टीके विकसित करने की प्रक्रिया में है।
रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि हाल ही में नाक के माध्यम से दिए जाने वाले दुनिया के पहले कोविड टीके का सफलतापूर्वक निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से संबंधित टीके से सर्वाइकल के कैंसर को रोकने में मदद मिली है।
बयान के अनुसार, सिंह ने कहा कि भारतीय टीका बाजार के 2025 तक 252 अरब डॉलर का होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की प्रमुख जैव-अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और पिछले कुछ वर्षों में, नवाचार और प्रौद्योगिकी के मामले में इसमें कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि भारत ने केवल दो वर्षों में चार स्वदेशी टीके विकसित किए हैं।
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