सिंगापुर, 11 नवंबर सिंगापुर की एक अदालत में 59 वर्षीय भारतीय मूल के एक व्यक्ति पर यहां एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए निर्माण प्रबंधक के रूप में काम करने के दौरान 98 लाख सिंगापुरी डॉलर से जुड़े भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के अपराधों का आरोप लगाया गया था।
दा स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की खबर के अनुसार ऑफशोर फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म के वैश्विक आपूर्तिकर्ता, मोडेक ऑफशोर प्रोडक्शन सिस्टम्स के कर्मचारी हरीश सिंघल पर रिश्वत लेने, धन शोधन और अपने नियोक्ता को धोखा देकर किसी अन्य कंपनी को लगभग 98 लाख सिंगापुरी डॉलर का भुगतान करने का आरोप है।
सिंघल ने 2011 से 2016 के बीच चार अन्य लोगों के साथ मिलकर मोडेक के साथ एक जहाजरानी कंपनी के व्यावसायिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए थित तौर पर 2011 से 2016 के बीच रिश्वत लेने की साजिश रची थी, जो कुल मिलाकर 13 लाख सिंगापुर डॉलर थी।
खबर के अनुसार उसने दोनों कंपनियों के बीच भुगतान के लिए फर्जी चालान के रूप में आपराधिक आचरण से लगभग 313,000 अमरीकी डॉलर के लाभ को छिपाने के लिए दूसरों के साथ कथित तौर पर साजिश रची थी।
इसके अलावा, उसने कथित तौर पर मोडेक के मुख्य इंजीनियर के साथ मिलकर कंपनी को धोखा देने के लिए समुद्री सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी को लगभग 80 लाख सिंगापुरी डॉलर का भुगतान करने की साजिश रची थी।
सिंघल पर भ्रष्टाचार के छह और धोखाधड़ी के चार आरोप हैं।
खबर में उसकी राष्ट्रीयता का जिक्र नहीं किया गया था। इसमें कहा गया है कि धोखाधड़ी के दोषी लोगों को जुर्माना और 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। शुक्रवार को एक बयान में, भ्रष्ट आचरण जांच ब्यूरो (सीपीआईबी) ने कहा कि भ्रष्टाचार के अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी भी व्यक्ति को 100,000 एसजीडी तक जुर्माना लगाया जा सकता है और पांच वर्ष तक की जेल हो सकती है।
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