बर्मिंघम, एक अगस्त राष्ट्रमंडल खेलों में मंगलवार को भारत को अप्रत्याशित सफलता मिली जब लॉन बॉल में भारतीय महिलाओं की ‘गुमनाम’ चौकड़ी ने फाइनल में पहुंचकर ऐतिहासिक पदक पक्का कर लिया जबकि जूडो में भारत की झोली में दो पदक आये ।
भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने महिला फोर्स (चार खिलाड़ियों की टीम) स्पर्धा के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 16-13 से हराया । भारतीय टीम पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स प्रारूप के फाइनल में पहुंची है।
लवली चौबे (लीड), पिंकी (सेकेंड), नयनमोनी सेकिया (थर्ड) और रूपा रानी टिर्की (स्किप) की भारतीय महिला फोर्स टीम मंगलवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी।
जीत के बाद टिर्की ने कहा ,‘‘ हम अपने जज्बात शब्दों में जाहिर नहीं कर सकते । हम एक टीम के रूप में लड़े और हमारा सफर यहीं खत्म नहीं होता । हमें फाइनल में भी ऐसे ही खेलकर वह कर दिखाना है जो पहले कभी नहीं हुआ ।’’
जूडो में दो पदक :
भारतीय जूडो खिलाड़ी एल सुशीला देवी और विजय कुमार यादव ने क्रमश: महिलाओं के 48 किलो और पुरूषों के 60 किलो वर्ग में यहां रजत और कांस्य पदक अपने नाम किये ।
सुशीला को फाइनल में बेहद करीबी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की मिशेला वाइटबूइ ने 4.25 मिनट में हराया। चार मिनट के नियमित समय में दोनों जूडो खिलाड़ियों कोई अंक नहीं बना पाए थे। वाइटबूट ने इसके बाद गोल्डन अंक जुटा कर मुकाबला जीत लिया। वहीं यादव ने साइप्रस के पेट्रोस क्राइस्टोडोलिडेस को इप्पोन से अंक जुटाकर मात दी ।
सुशीला ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2014 में भी रजत पदक जीता था ।
यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी की गलतियों का पूरा फायदा उठाया और 58 सेकंड के भीतर ही जीत दर्ज कर ली । पुरूषों के 60 किलो रेपेशाज में यादव ने स्कॉटलैंड के डिनलान मुनरो को हराकर कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई थी ।
वहीं जसलीन सिंह सैनी पुरूषों के 66 किलोवर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला आस्ट्रेलिया के नाथन काज से हार गए ।
भारोत्तोलन में आज झोली रही खाली :
दो दिन में पांच पदक जीतने के बाद भारोत्तोलन में भारत की झोली आज खाली रही । स्नैच में कम भार उठाने और क्लीन एवं जर्क में गलती का खामियाजा अजय सिंह (81 किग्रा) को उठाना पड़ा जब यह भारोत्तोलक पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेते हुए मामूली अंतर से कांस्य पदक जीतने से चूक गया।
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