विदेश की खबरें | भारतीय न्यायालय के लद्दाख पर फैसले का असर सीमा से जुड़े चीन के दावों पर नहीं:चीनी अधिकारी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बीजिंग,13 दिसंबर चीन ने बुधवार को कहा कि भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 पर दिए गए उस फैसले का असर भारत-चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से को लेकर उसके दावे पर नहीं पड़ेगा जिसमें जम्मू-कश्मीर से अलग करके लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के केंद्र के निर्णय को बरकरार रखा गया है।

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के भारत सरकार के फैसले की वैधता को बरकरार रखने वाले अदालत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां सवांददाताओं से कहा, ‘‘चीन ने कभी भी तथाकथित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को मान्यता नहीं दी है जिसे भारत ने एकतरफा और अवैध तरीके से बनाया हैं”।

चीन की सरकारी मीडिया कंपनी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में निंग ने कहा, ‘‘ भारत के घरेलू न्यायिक फैसले से भारत-चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से के तथ्य नहीं बदलेंगे और वह हमेशा चीन का रहा है।’’

अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बहाल रखने के फैसले पर माओ ने मंगलवार को कहा था, ‘‘ कश्मीर के मुद्दे पर चीन का रुख स्पष्ट और अडिग रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अतीत से चले आ रहे कश्मीर मुद्दे का संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और प्रासंगिक द्विपक्षीय समझौते के अनुसार शांतिपूर्ण और उचित तरीके से समाधान करने की आवश्यकता है।’’

शीर्ष अदालत ने सोमवार को सर्वसम्मति से तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा था।

उच्चतम न्यायालय ने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को अलग करने के केंद्र के फैसले को भी वैध करार दिया और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा देने और अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया।

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