विदेश की खबरें | विमानन मंचों की खातिर भारतीय असैन्य दल भारतीय सैन्यकर्मियों की जगह लेने के लिए पहुंचा मालदीव
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

माले, 28 फरवरी मालदीव से भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी की समयसीमा 10 मार्च से पहले एक भारतीय असैन्य दल इस द्वीपीय देश में तीन विमानन मंचों में से एक का प्रभार संभालने के लिए यहां पहुंच गया है। बुधवार को स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी।

दमालदीव जर्नल डॉट कॉम नामक एक न्यूज पोर्टल ने मालदीव के रक्षा मंत्रालय के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ विमान का संचालन एवं रखरखाव संभालने के लिए असैन्य दल अब मालदीव पहुंच गया है। यह भारतीय असैन्य दल हस्तांतरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बीती रात पहुंचा।’’

दिल्ली में दो फरवरी को दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय बैठक के बाद मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत मालदीव में तीन विमानन मंचों का संचालन कर रहे अपने सैन्यकर्मियों के स्थान पर दूसरा (असैन्य) दल 10 मई तक लगायेगा तथा इस प्रक्रिया का पहला चरण 10 मार्च तक पूरा हो जाएगा।

समझा जाता है कि भारतीय सैन्यकर्मियों की जगह वे असैन्यकर्मी लेंगे जिन्हें इन तीन मंचों के संचालन में महारत हासिल है।

मालदीव में तीन भारतीय मंचों के संचालन में 88 सैन्यकर्मी लगे हुए हैं और ये मंच दो हेलीकॉप्टरों और डोर्नियर विमान के माध्यम से पिछले दो सालों से मालदीव के लोगों को मानवीय एवं चिकित्सा निकास सेवाएं दे रहे हैं।

इन सैन्यकर्मियों को हटाने का घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पांच फरवरी को संसद में अपने पहले अभिभाषण में घोषणा की थी कि भारतीय सैन्यकर्मियों के पहले समूह को 10 मार्च से पहले मालदीव से भेज दिया जाएगा। मुइज्जू को चीन समर्थक के रुप में देखा जाता है।

दोनों देशों के बीच समझौते के अनुसार बाकी भारतीय 10 मई तक वापस भेजे जायेंगे जो दो विमानन मंचों का संचालन संभाल रहे हैं।

बुधवार को न्यूज पोर्टल ने यह भी कहा कि हेलीकॉप्टर को मरम्मत के लिए भारत ले जाये जाने से पहले आज (बुधवार को) परीक्षण उड़ान भरी जाएगी। एक भारतीय जहाज इस हेलीकॉप्टर के स्थान पर दूसरा हेलीकॉप्टर लेकर 28 फरवरी को ही अद्दू आयेगा।

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