नयी दिल्ली, 20 जून पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्रालय तथा विश्व बैंक ने देश के कुछ हिस्सों और वैश्विक स्तर पर एवियन इन्फ्लूएंजा या बर्ड फ्लू के प्रकोप के बीच संभावित तैयारी को बढ़ाने के लिए इस सप्ताह मध्य प्रदेश में दो दिन का सिमुलेशन अभ्यास किया।
मध्य प्रदेश के भोपाल में 19-20 जून को हुए अभ्यास में विभिन्न क्षेत्रों के 40 प्रतिभागियों ने प्रकोप का पता लगाने, त्वरित प्रतिक्रिया रणनीतियों और फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय का अभ्यास किया।
पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने बयान में कहा, ‘‘ऐसी पहल, व्यवस्थित स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण में महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि दुनिया जूनोटिक बीमारियों की बढ़ती संख्या से जूझ रही है।’’
यह अभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब भारत में केरल में एवियन फ्लू का प्रकोप देखा जा रहा है और मवेशियों जैसी गैर-पॉल्ट्री प्रजातियों में वैश्विक स्तर पर इसके मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
डीएएचडी के पशुपालन आयुक्त अभिजीत मित्रा ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में संकट प्रबंधन अनुभव प्रदान करने के लिए वास्तविक प्रकोप स्थितियों की नकल करने वाले इंटरैक्टिव परिदृश्य शामिल थे।
विश्व बैंक के वरिष्ठ कृषि अर्थशास्त्री हिकुपी कातजियूओंगुआ और विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ फ्रैंक वोंग ने सिमुलेशन की सुविधा प्रदान की, जिसका उद्देश्य पशु और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करना था।
बयान में कहा गया, ‘‘डीएएचडी और विश्व बैंक एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रभाव को कम करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
राजेश राजेश अजय
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