देश की खबरें | डब्ल्यूएचओ में भागीदारी बनाए रखने के अमेरिकी फैसले का भारत स्वागत करता है : हर्षवर्धन

नयी दिल्ली, 27 जनवरी स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में भागीदारी बनाए रखने के अमेरिका के फैसले का स्वागत करता है।

हर्षवर्धन ने मंगलवार को डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड के 148 वें सत्र की डिजिटल रूप से अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ओर से और डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, मैं इस घोषणा का स्वागत करता हूं कि राष्ट्रपति जो बाइडन का नया प्रशासन डब्ल्यूएचओ से अमेरिका के हटने की प्रक्रिया पर रोक लगाएगा।’’

उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि अमेरिका सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में बहुपक्षीय सहयोग और कार्रवाई के लिए नए सिरे से काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे महानिदेशक ने भी कहा है कि डब्ल्यूएचओ देशों का परिवार है और इसे मजबूत बनाने के लिए देशों की एकजुटता की आवश्यकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य चिकित्सा सलाहकार एंथनी फाउची ने नए प्रशासन की ओर से कार्यकारी बोर्ड को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ का सदस्य बना रहेगा और सभी स्तरों पर सतत तकनीकी सहयोग के साथ अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करेगा।

उन्होंने महामारी के खिलाफ वैश्विक लोक स्वास्थ्य के संबंध में डब्ल्यूएचओ की भूमिका की चर्चा करते हुए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से टीकाकरण व इलाज के विकास में तेजी लाने का आह्वान किया।

हर्षवर्धन ने कहा कि अगर 2020 कोविड टीकों की खोज का वर्ष था तो 2021 "वह वर्ष होगा जिसमें हम इसे पूरी दुनिया में सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की चुनौती का सामना करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में डब्ल्यूएचओ की बड़ी भूमिका होगी।

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