विदेश की खबरें | भारत ने फलस्तीनी लोगों के आत्म-निर्णय के अधिकार पर संरा प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र/जिनेवा, पांच अप्रैल भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के उस मसौदा प्रस्ताव के पक्ष में शुक्रवार को मतदान किया जिसमें फलस्तीनी लोगों के स्वतंत्र फलस्तीन देश के अधिकार समेत आत्म-निर्णय के ‘‘अपरिहार्य अधिकार’’ की पुष्टि की गयी है।

जिनेवा स्थित परिषद ने ‘फलस्तीनी लोगों के आत्म-निर्णय के अधिकार’ पर मसौदा प्रस्ताव पारित किया जिसमें भारत समेत 42 सदस्य देशों ने उसके पक्ष में मतदान किया।

परिषद के 47 सदस्यों में से दो देशों अमेरिका और पराग्वे ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया जबकि अल्बानिया, अर्जेंटीना और कैमरून मतदान से दूर रहे।

प्रस्ताव में ‘‘स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान से रहने के फलस्तीनी लोगों के अधिकार और स्वतंत्र फलस्तीन देश के अधिकार समेत उनके आत्म-निर्णय के अपरिहार्य, स्थायी और पूर्ण अधिकार’’ की पुष्टि की गयी है।

इसमें संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रासंगिक प्रस्तावों समेत अंतरराष्ट्रीय कानून और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूप से स्वीकार्य मानकों के अनुसार इजराइल-फलस्तीन संघर्ष के उचित, व्यापक और स्थायी शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

इसमें इजराइल से पूर्वी यरुशलम समेत कब्जे वाले फलस्तीन क्षेत्र का अपना कब्जा तुरंत खत्म करने और फलस्तीन की राजनीतिक स्वतंत्रता, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता में किसी भी बाधा को दूर करने और उसके निवारण का आह्वान किया गया है।

प्रस्ताव में फलस्तीन और इजराइल के शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से रहने के द्वि-राष्ट्र समाधान का भी समर्थन किया गया है।

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