विदेश की खबरें | भारत, अमेरिका ने अंतरिक्ष में स्थिति को लेकर जागरूकता संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किया

वाशिंगटन, 12 अप्रैल भारत और अमेरिका ने अंतरिक्ष में स्थिति को लेकर जागरूकता संबंधी एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये जिससे दोनों देशों के बढ़ते रक्षा सहयोग में एक नया अध्याय जुड़ा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यह बात कही ।

इस समझौते पर सोमवार को टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक से इतर दोनों देशों के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए । इस बैठक की सह-मेजबानी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने की थी । इसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया।

टू प्लस टू मंत्री स्तरीय बैठक के बाद ऑस्टिन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि कुछ ही समय पहले हमने अंतरिक्ष में स्थिति को लेकर जागरूकता संबंधी एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये और इससे हमें अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाने में मदद मिलेगी ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग गहरा कर रहे हैं जिसमें इस वर्ष के आखिर में प्रशिक्षण तथा अभ्यास आदि शामिल हैं। हम विविध क्षेत्रों में गठजोड़ के माध्यम से सूचनाओं के आदान प्रदान को बढ़ा रहे हैं ।’’

ऑस्टिन ने कहा कि दोनों देशों की आज महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता है जो अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र सहित उभरते रक्षा क्षेत्र में सहयोग तथा प्रौद्योगिकी संबंधी नवाचार को बढ़ावा देगी ।

उन्होंने कहा ‘‘ उदाहरण के तौर पर हम इस वर्ष के आखिर में नये रक्षा अंतरिक्ष आदान प्रदान को शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो हमारे अंतरिक्ष कमान और भारतीय रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी के बीच होगा ।’’

उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन भारत की सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्राथमिकताओं को सहयोग देने तथा सुरक्षा प्रदान करने की अपनी भूमिका को लेकर नयी दिल्ली के साथ मिल कर काम कर रहा है।

दोनों देशों के बढ़ते रक्षा कारोबार एवं प्रौद्योगिकी सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा ‘‘हमने हाल ही में हमारे रक्षा प्रौद्योगिकी एवं कारोबार पहल के तहत मानव रहित हवाई वाहन बनाने को लेकर साथ काम करने के समझौते को अंतिम रूप दिया ।’’

उन्होंने कहा ‘‘ आज हमने नयी आपूर्ति श्रृंखला सहयोग कदमों की शुरूआत करने पर सहमति व्यक्त की जिससे हमें एक दूसरे की प्राथमिकता वाली रक्षा जरूरतों को तेजी से समर्थन देने में मदद मिलेगी । ’’

उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिकी रक्षा उपकरणों की खरीद जारी रखेगा और यह दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक आधार क्षेत्रों मे नये संबंधों को बढ़ावा दे रहा है ।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा ‘‘हम ऐसा इसलिये कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका, हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में भारत को रक्षा उद्योग प्रमुख के तौर पर एवं क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में सहयोग दे रहा है। ’’

चीन द्वारा क्षेत्र एवं अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अपने हितों के हिसाब से बदले जाने का प्रयास करने का उल्लेख करते हुए ऑस्टिन ने कहा कि दोनों देशों (अमेरिका-भारत) ने हिन्द प्रशांत में अपनी सैन्य परिचालन पहुंच को बढ़ाने एवं साथ मिलकर करीबी समन्वय बढ़ाने के नये अवसरों की तलाश की है।

दीपक

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