नयी दिल्ली, 19 दिसंबर भारत ने 2023 के दौरान विदेश से 125 अरब अमेरिकी डॉलर का धनप्रेषण (रेमिटेंस) हासिल किया और इस लिहाज से दुनिया में शीर्ष पर रहा। विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
विश्व बैंक ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ दिरहम और रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किए गए समझौते के चलते धनप्रेषण को बढ़ावा मिला।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में धनप्रेषण की वृद्धि 2023 में 12.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो 2022 में अपने ऐतिहासिक उच्चस्तर 24.4 प्रतिशत पर थी।
विश्व बैंक की ताजा प्रवासन और विकास रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘2023 में धनप्रेषण 14 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 125 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही दक्षिण एशिया में आने वाले धनप्रेषण में भारत की हिस्सेदारी 2023 के 63 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 66 प्रतिशत हो जाएगी।’’
भारत के बाद मेक्सिको (67 अरब डॉलर), चीन (50 अरब डॉलर), फिलिपीन (40 अरब डॉलर) और मिस्र (24 अरब डॉलर) का स्थान रहा।
विश्व बैंक ने कहा कि भारत में धनप्रेषण बढ़ने में मुद्रास्फीति घटने और विदेश में मजबूत श्रम का विशेष योगदान रहा।
भारत को मिलने वाले धनप्रेषण में सबसे अधिक हिस्सेदारी यूएई की रही और उसके बाद अमेरिका का स्थान था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY