नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारत सरकार करीब चार साल पहले भीषण भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए म्यांमा के विभिन्न पैगोडा की मरम्मत और संरक्षण का काम करवा रही है।
एक अधिकारी ने बताया कि जनवरी, 2020 में शुरू हुई इस पूरी परियोजना का खर्च विदेश मंत्रालय उठा रहा है, लेकिन फिलहाल कोविड-19 महामारी के कारण काम रोकना पड़ा था।
उन्होंने बताया कि महामारी और खराब मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ दिन तक काम स्थगित रखने के बाद भारत सरकार ने म्यांमा में पैगोडाओं की मरम्मत और संरक्षण का काम फिर से शुरू कर दिया है।
भारतीय पुरातत्व विभाग ने पहले चरण में प्राचीन और यूनेस्को विश्व विरासत शहर बागन में स्थित 12 पैगोडाओं की मरम्मत और संरक्षण का काम शुरू किया है।
म्यांमा के पैगोडाओं में परंपरागत रूप से बौद्ध अवशेष रखे होते हैं और कई पैगोडा में भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेष रखे हुए हैं।
मध्य म्यांमा में अगस्त, 2016 में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप से बागन स्थित दर्जनों प्राचीन पैगोडा क्षतिग्रस्त हो गए थे।
बागन में 11वीं से 13वीं सदी के बीच 2,000 से ज्यादा पैगोडाओं, मंदिरों, मठों और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का निर्माण किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, म्यांमा के राष्ट्रपति हतिन क्याव की भारत यात्रा के दौरान भारत सरकार ने भूकंप में क्षतिग्रस्त हुई इमारतों और पेंटिंग की मरम्मत तथा संरक्षण के लिए तकनीकी और वित्ती सहायता देने की हामी भरी थी।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘बागन में भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए पैगोडाओं की मरम्मत और संरक्षण के लिए भारत और म्यांमा के बीच मई, 2018 में सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर हुए थे। भारतीय पुरातत्व विभाग ने पहले चरण में मरम्मत और संरक्षण कार्य के लिए 12 पैगोडाओं का चुनाव किया। इस पर आने वाला 21 करोड़ रुपये का खर्च विदेश मंत्रालय उठाएगा।’’
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