बालासोर (ओडिशा), पांच अक्टूबर भारत ने सोमवार को अपनी स्वदेश निर्मित स्मार्ट टॉरपीडो प्रणाली का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया जिसे डीआरडीओ ने पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमता बढ़ाने की दिशा में बदलाव लाने वाला बताया।
रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि देश की समुद्री रणनीतिक क्षमता मजबूत करने में यह एक और मील का पत्थर साबित होगी।
सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (स्मार्ट) का सफल उड़ान परीक्षण ओडिशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, जिसे पहले व्हीलर द्वीप के नाम से जाना जाता था, से पूर्वाह्न 11.45 बजे किया गया। इसके सारे लक्ष्य सुगमता से प्राप्त किये गये।
रक्षा मंत्रालय के वक्तव्य में कहा गया कि स्मार्ट या एसएमआरटीए, टॉरपीडो रेंज से परे एक मिसाइल पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता (एएसडब्ल्यू) अभियान के लिए हल्की पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो प्रणाली की एक मिसाइल असिस्टेड रिलीज है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा कि एसएमएआरटी पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता स्थापित करने में महत्वपूर्ण तकनीक है।
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