मुंबई, 21 जून नौवहन उद्योग के एक वरिष्ठ कार्यकारी का कहना है कि भारत को नाविकों के लिये सिंगापुर, रॉटरडम और हांगकांग जैसे बंदरगाह शहरों के लिये विशेष उड़ानों का परिचालन करना चाहिये। इससे कोरोना वायरस महामारी के बीच जहाजों पर नाविकों के दल को सुचारू रूप से बदल पाना सुनिश्चित हो सकेगा।
भारत वैश्विक स्तर पर नाविकों का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
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उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत भारतीय नाविकों का अनुबंध पूरा हो चुका है, लेकिन वे अभी भी जहाजों पर ही हैं। इनमें से अधिकांश मालवाहक पोतों पर हैं। ये विभिन्न बंदरगाहों पर विस्तारित अनुबंध के आधार पर काम कर रहे हैं क्योंकि वीजा नियमों को लेकर पाबंदियां हैं और उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं।
पोत सेवाओं का प्रबंधन करने वाली कंपनी सिनर्जी मरीन ग्रुप के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश उन्नी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिवहन कर्मचारी महासंघ (आईटीएफ) के द्वारा नाविकों के वापस अपने देश लौटने की मंजूरी दे दिये जाने के बाद यह समस्या और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गयी है।
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उन्नी ने कहा, "हमें सरकारों, विशेष रूप से नाविकों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों की सरकारों से उड़ानों को मंजूरी दिये जाने की जरूरत है, ताकि नाविक वापस अपने घर लौट सकें या जहाजों पर जा सकें।’’
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को इन सेवाओं को फिर से शुरू करने की किसी भी संभावना से इनकार किया था।
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