नयी दिल्ली, पांच जुलाई केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बुधवार को कहा कि कुछ देशों द्वारा भारत के खिलाफ लगाए गए पाबंदियों के जवाब में भारत भी उन पर व्यापार प्रतिबंध लगा सकता है।
सिंह पहले ‘हरित हाइड्रोजन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2023’ को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत में हरित हाइड्रोजन विनिर्माण में निवेश करने की इच्छुक कंपनियों के लिए बहुत संभावना है क्योंकि इस्पात, सीमेंट, परिवहन जैसे कई क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोत की मांग होगी।
केंद्रीय मंत्री ने विदेशी राजनयिकों और विभिन्न देशों के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि पूरी दुनिया हमारे साथ भागीदार बने और मुझे लगता है कि यही समाधान है। समाधान बाधाएं खड़ी करना नहीं है जो कुछ देशों ने करना शुरू कर दिया है। यदि आप बाधाएं खड़ी करते हैं तो हम भी पाबंदियां लगा सकते हैं।”
सिंह ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि ऐसे देशों के लिए उनका यही संदेश होगा कि भारत भी इसी तरह की बाधाएं खड़ी कर सकता है, जिससे उस देश को दुनिया के सबसे बड़े बाजार भारतीय ऊर्जा बाजार में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “जिस प्रकार की बाधाएं मैं देख रहा हूं, वे हास्यास्पद हैं। एक क्षेत्र का कहना है कि नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइज़र के स्थान के बीच की दूरी 500 किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।”
सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब भारत हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनने का लक्ष्य बना रहा है।
केंद्र ने जनवरी 2023 में भारत को हरित हाइड्रोजन के निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 19,744 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी थी।
मिशन का लक्ष्य 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 50 लाख टन की उत्पादन क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है।
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