नयी दिल्ली, नौ जून केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि भारत कोरोना वायरस महामारी से निपटने के संदर्भ में, अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं लेकिन आत्मसंतोष की गुंजाइश नहीं है।
देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 7,466 पहुंच गई और संक्रमितों का आंकड़ा 2.66 लाख से अधिक हो गया है।
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हर्षवर्धन ने कोविड-19 पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उच्च स्तरीय 16वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसमें महामारी की रोकथाम करने की रणनीतियों की समीक्षा की गई ।
जीओएम को देश में कोविड-19 की ताजा स्थिति, प्रतिक्रिया तथा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई।
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मंत्रालय ने कहा कि जीओएम के समक्ष एक विवरण भी प्रस्तुत किया गया जिसमें समान चरण में लॉकडाउन में ढील देने वालों देशों की तुलना में भारत की स्थिति को रेखांकित किया गया था। साथ में इसमें लॉकडाउन से हासिल हुए लाभों को भी रेखांकित किया गया।
देश के "अनलॉक 1.0 चरण" (पाबंदियों में ढील देने का पहला चरण) में प्रवेश करने के साथ ही हर्षवर्धन ने जोर दिया कि लोगों को और अधिक अनुशासित होने और उचित व्यवहार अपनाने की जरूरत है तथा शारीरिक दूरी बनाने, चेहरा ढकने और हाथ धोने के नियमों पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत अन्य देशों की तुलना में, कोविड-19 से निपटने में बेहतर स्थिति में है, लेकिन आत्मसंतोष भाव की गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलॉड करने की सबसे अपील की जो स्वयं जोखिम मूल्यांकन और कोविड-19 से सुरक्षा में मदद करता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अब तक देश में 12.55 करोड़ से अधिक लोगों ने ऐप डाउनलोड किया है।
सभी सरकारी दफ्तर के खुलने के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों से अपील की, “ सामाजिक दूरी बनाने, हाथ धोने, मास्क लगाने के नियम का सख्ती से पालन करके हमें कोविड-19 के खिलाफ 'सामाजिक वैक्सीन' को नहीं भूलना चाहिए। ''
जीओएम को सूचित किया गया कि नौ जून तक, देश में कोविड- संबंधित स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूती दी गई है और 958 समर्पित कोविड अस्पताल हैं जिनमें 1,67,883 पृथक बेड, 21,614 आईसीयू तथा 73,469 ऐसे बेड हैं जिनसे ऑक्सीजन दी जा सकती है।
इसी के साथ, 2,313 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनमें 1,33,037 पृथक बेड, 10,748 आईसीयू बेड और 46,635 ऐसे बेड हैं जिनसे ऑक्सीजन दी जा सकती है।
मंत्रालय ने कहा कि इससे भी ज्यादा, देश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए 7,525 कोविड देखभाल केंद्र हैं जिनमें 7,10,642 बेड अब उपलब्ध हैं।
बयान में कहा गया है कि केंद्र ने 60,848 वेंटिलेटरों का ऑर्डर भी दिया है।
केंद्र ने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को 128.48 लाख एन 95 मास्क और 104.74 लाख व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) भी प्रदान किए हैं।
आईसीएमआर की जांच करने की क्षमता 553 सरकारी और 231 निजी प्रयोगशालाओं के जरिए बढ़ी है। प्रयोगशालाएं 784 हो गई हैं।
देश में अबतक 49 लाख से ज्यादा जांच की गई हैं और 1,41,682 नमूनों की जांच सुबह नौ बजे खत्म हुए पिछले 24 घंटे में की गई है।
मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, जहाजरानी और रासायनिक और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख लाल मंडाविया और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे तथा कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
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