नयी दिल्ली, 27 जुलाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं का उल्लेख करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इन प्रयासों से भारत एक ‘अस्थिर और अनिश्चित विश्व’ में अपने राष्ट्रीय उद्देश्यों और हितों को आगे बढ़ाने में सक्षम हुआ है।
जयशंकर ने राज्यसभा में स्वत: संज्ञान लेते हुए भारत की विदेश नीति की सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय मामले अभूतपूर्व और जटिल हो गए हैं, भारत की जन केंद्रित विदेश नीति समाज की मांगों और आकांक्षाओं द्वारा निर्देशित होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया मानती है कि जब भारत आवाज उठाता है तो वह ना केवल अपने लिए बल्कि कई अन्य देशों के लिए भी आवाज उठाता है। भारत सभी की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए आवाज उठाता है।’’
प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न विदेश यात्राओं की विस्तृत जानकारी देते हुए जयशंकर ने कहा कि इन यात्राओं और इस दौरान किए गए समझौतों से भारतीय प्रवासियों को भारत के भविष्य की संभावनाओं और उनकी जरूरतों के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता, दोनों पर विश्वास दृढ़ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक हित और स्थिरता के लिए एक शक्ति के रूप में कार्य करते हुए हमने अपने राष्ट्रीय हितों की भी दृढ़ता से रक्षा की है।’’
विदेश मंत्री ने भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी अध्यक्षता में हमारी विदेश नीति को सशक्त बनाने और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अधिक बल देते हुए जी-20 आयोजनों ने एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य किया है ताकि वह विश्व में अपना उचित स्थान प्राप्त कर सके।’’
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने संसद के पिछले सत्र से लेकर अब तक कुल सात देशों की यात्राएं की हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात की द्विपक्षीय यात्रा शामिल है।
उन्होंने कहा कि मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक राजकीय यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा की गई ऐसी दूसरी यात्रा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें दूसरी बार अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का ‘दुर्लभ विशेषाधिकार’ भी प्रदान किया गया।
इस यात्रा के प्रमुख परिणामों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि इस दौरान दोनों पक्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी संबंधी पहल के माध्यम से प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए, जिसमें कृत्रिम मेधा, सेमीकंडक्टर अंतरिक्ष, क्वांटम और दूरसंचार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत को खनिज सुरक्षा सहभागिता में एक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य स्थाई वैश्विक महत्वपूर्ण ऊर्जा खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास में तेजी लाना है।
जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व किया, जिसमें 135 देशों के लोगों ने भाग लिया और यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया का ‘ऐतिहासिक’ दौरा किया, जिसके बाद उन्होंने 24 मई को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
उन्होंने कहा कि इस दौरे पर प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी करार पर हस्ताक्षर करना यात्रा के मुख्य आकर्षणों में से एक था।
विदेश मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर वहां का दौरा किया और वह बैस्टिल डे परेड के विशिष्ट अतिथि बने।
उन्होंने प्रधानमंत्री को उनकी विभिन्न विदेश यात्राओं के दौरान मिले सम्मानों का भी उल्लेख किया।
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