जरुरी जानकारी | भारत ने पिछले पांच साल में 5,000 से ज्यादा आईओटी पेटेंट के लिए किया आवेदन: नासकॉम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में वर्ष 2009-2019 के बीच इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के करीब 6,000 पेटेंट आवेदन दाखिल हुए। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष संगठन नासकॉम की एक रपट के मुताबिक इनमें 5,000 से अधिक पेटेंट पिछले पांच साल में ही दाखिल हुए।
नयी दिल्ली, पांच जून देश में वर्ष 2009-2019 के बीच इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के करीब 6,000 पेटेंट आवेदन दाखिल हुए। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष संगठन नासकॉम की एक रपट के मुताबिक इनमें 5,000 से अधिक पेटेंट पिछले पांच साल में ही दाखिल हुए।
नासकॉम की ‘आईओटी : ड्राइविंग द पेटेंट ग्रोथ स्टोरी इन इंडिया’ रपट के मुताबिक आईओटी के कुल दाखिल पेटेंट में से 40 प्रतिशत मंजूर किए जा चुके हैं।
रपट के अनुसार इसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा पेटेंट आवेदन चौथी औद्योगिक क्रांति से संबंधित एप्प से जुड़े हैं। इनमें वाहन उद्योग और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी एप्प प्रमुख हैं।
इतना ही नहीं 70 प्रतिशत पेटेंट बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से दाखिल किए गए हैं। जबकि मात्र सात प्रतिशत पेटेंट ही स्टार्टअप कंपनियों ने दाखिल किए।
देश में दाखिल कुल आईओटी पेटेंट में से 95 प्रतिशत हार्डवेयर उपकरणों से जुड़े हैं। यह हार्डवेयर कनेक्टिविटी नेटवर्क, सेंसर और अन्य उप-प्रौद्योगिकियों से संबद्ध हैं।
नासकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा कि किसी भी संकट से निपटने में नयी खोज हमेशा सबसे आगे रहती है। आईओटी, कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-एआई) और ब्लॉकचेन जैसी नयी उभरती प्रौद्योगिकी आपस में जुड़े हुए विश्व को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका अदा कर रही हैं। यह एक नयी सामान्य जीवन शैली है।
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