जरुरी जानकारी | कृत्रिम मेधा की राजधानी बन सकता है भारत: चंद्रशेखरन

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया में कृत्रिम मेधा (एआई) की राजधानी बन सकता है और प्रौद्योगिकी के लिए नीतिगत ढांचा इस क्षेत्र में विकास को गति दे सकता है।

उन्होंने कहा कि एआई देश के भविष्य और दिशा को आकार दे सकता है।

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चंद्रशेखरन ने रेज 2020 शिखर सम्मेलन में कहा, ‘‘निश्चित रूप से भारत में दुनिया की एआई राजधानी बनने की क्षमता है। मेरे कहने का कारण सिर्फ यह नहीं है कि मैं यहां भारत में हूं और मुझे भारत से प्यार है। हम एक ऐसे बेहतर मुकाम पर हैं, जहां हमारे पास प्रतिभा है और इस तरह की जटिलताएं हैं, जिनका समाधान सिर्फ एआई ही कर सकती है।’’

उन्होंने कहा कि यदि भारत एआई का उपयोग करके समस्याओं को हल करने में सक्षम है, तो ये समाधान विकासशील और विकसित देशों में भी फैल सकते हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘आने वाला दशक भारत का दशक हो, इसके लिए मेरे दिमाग में दो चुनौतियां हैं। एक तरफ, सभी को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती, चाहें वह जहां भी रहें।’’

उन्होंने आगे कहा कि दूसरी चुनौती भारत की विशाल आबादी को एक अच्छा और उत्पादक रोजगार उपलब्ध कराने की है।

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