देश की खबरें | शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता के लिए भारत, ऑस्ट्रेलिया ने समझौते पर हस्ताक्षर किए

नयी दिल्ली, दो मार्च भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता के लिए बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे दोनों देशों के बीच छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

हालांकि, दोनों देश डिग्री को मान्यता देंगे लेकिन इंजीनियरिंग, चिकित्सा और कानूनी शिक्षा से संबंधित पेशेवर पंजीकरण इस ढांचे के दायरे से बाहर रहेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पांच दिन की भारत यात्रा पर आए उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष जेसन क्लेयर के बीच द्विपक्षीय बैठक के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय क्षेत्रों के बीच कम से कम 11 संस्थागत स्तर के ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान किया गया, जिससे कई प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अनुसंधान और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस बीच, क्लेयर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 30 सदस्यीय टीम के साथ यहां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का दौरा किया, जिसमें 10 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य उच्च शिक्षा अधिकारी शामिल थे।

यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने कहा, "हमने इस बारे में विस्तृत चर्चा की कि भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधारों को कैसे लागू किया जा रहा है। हमने भारत में विदेशी विश्वविद्यालय परिसरों पर यूजीसी के मसौदा नियमों पर भी चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि ये नियम भारत और ऑस्ट्रेलिया को एक साथ काम करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं।’’

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