देश की खबरें | भारत, अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा कि अपनी धरती से आतंकवादी गतविधियों को अनुमति नहीं दे
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर भारत और अमेरिका ने मंगलवार को सीमा पार से आतंकवाद के हर प्रारूप का कड़ा विरोध किया और पाकिस्तान से कहा कि ‘‘त्वरित, स्थायी अपरिवर्तनीय’’ कार्रवाई करे ताकि सुनिश्चित हो सके कि उसके नियंत्रण के क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी हमले के लिए नहीं हो।

भारत-अमेरिका के ‘टू प्लस टू’ मंत्री स्तरीय वार्ता के तीसरे संस्करण में सीमा पार से आतंकवाद का मुद्दा उठा। वार्ता में भारत के पड़ोस और उसके पार के भी तमात सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई।

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर के साथ वार्ता की। दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता में उनके शीर्ष सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद की कड़ी आलोचना की और सीमा पार से आतंकवाद के हर प्रारूप की कड़ी निंदा की। साथ ही हिज्बुल मुजाहिद्दीन, अल-कायदा और आईएसआईएस सहित सभी आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर बल दिया।

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अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जयशंकर ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने स्पष्ट कर दिया कि सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’

संयुक्त बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने पाकिस्तान से कहा कि वह त्वरित, स्थायी एवं अपरिवर्तनीय कार्रवाई करे ताकि सुनिश्चित हो सके कि उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी हमले करने में नहीं हो और इस तरह के हमले करने वालों पर तेजी से कार्रवाई करे जिनमें 26...11 मुंबई, उरी और पठानकोट हमले के साजिशकर्ता शामिल हैं।

इसमें कहा गया, ‘‘मंत्रियों ने आतंकवादी समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधों पर सूचना के आदान-प्रदान को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई।’’

बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने आतंकवादी संगठनों के संचालन एवं वित्तपोषण, कट्टरपंथ का मुकाबला करने, इंटरनेट का आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल करने, आतंकवादियों की सीमा पार गतिविधियों के खिलाफ भी कदम उठाने का संकल्प लिया।

बयान में कहा गया कि मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सहित कई मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।

इसने कहा, ‘‘उन्होंने यूएन कंप्रीहेंसिव कन्वेशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (सीसीआईटी) को जल्द अपनाने के लिए समर्थन देने की पुष्ट की जिसके तहत किसी भी स्थिति में आतंकवाद को सही नहीं ठहराने का संदेश दिया जाएगा और वैश्विक स्तर पर सहयोग के लिए रूपरेखा को मजबूती दी जाएगी।’’

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