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देश की खबरें | मुंबई में ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, फडणवीस ने इसे सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बताया

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देश की खबरें | मुंबई में ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, फडणवीस ने इसे सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान बताया

मुंबई, 10 जुलाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को दक्षिण मुंबई में पुनर्निर्मित कार्नाक रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन किया, जिसे भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सम्मान में ‘सिंदूर ब्रिज’ नाम दिया गया है।

फडणवीस ने कहा कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के अंदरुनी इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके असाधारण साहस और रणनीतिक कुशलता का परिचय दिया है।

फडणवीस ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके असाधारण साहस और सामरिक सटीकता का परिचय दिया है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘‘यह नाम परिवर्तन हमारे सशस्त्र बलों और भारत की रक्षा क्षमताओं के प्रति सम्मान है।’’

‘सिंदूर ब्रिज’ का पुनर्निर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा किया गया है। मूल रूप से 150 साल पुराने इस पुल को मध्य रेलवे ने असुरक्षित घोषित कर दिया था और अगस्त 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया था।

इसका नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ कर दिया गया है, जो पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए मई में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई से प्रेरित है।

यह पुल मध्य रेलवे (मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल और मस्जिद स्टेशन के बीच) के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ता है और पी डिमेलो रोड से जुड़ता है। यह दक्षिण मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने और कनेक्टिविटी में सुधार करने में मदद करेगा।

ब्रिटिश काल का यह पुल पहले बॉम्बे प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नाक के नाम पर कार्नाक ब्रिज के नाम से जाना जाता था, जिन्होंने 1839 से 1841 तक इस पद को संभाला था।

फडणवीस ने कहा कि उस स्थान पर बना पुराना पुल ब्रिटिश गवर्नर कार्नाक के नाम पर था, और इतिहास गवाह है कि उसने भारतीयों पर कितने अत्याचार किए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सातारा के इतिहास के संबंध में लिखी एक किताब में शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के दादा प्रबोधनकर ठाकरे ने छत्रपति प्रताप सिंह महाराज और रंगो बापू पर एक अध्याय लिखा था।

उन्होंने कहा, ‘‘इस किताब में यह बहुत अच्छी तरह बताया गया है कि छत्रपति प्रताप सिंह और रंगो बापू को किस तरह विद्रोह और षड्यंत्र के झूठे आरोपों में फंसाया गया और कैसे उन्होंने अंततः इन आरोपों से खुद को बेगुनाह साबित किया और बाहर निकले।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले कहा था कि इतिहास के इन काले अध्यायों का अंत होना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि औपनिवेशिक गुलामी की निशानियों को मिटा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी पहल के तहत, आज इस पुल का नाम भी बदल दिया गया है।’’

फडणवीस ने कहा, ‘‘अब कार्नाक ब्रिज का आधिकारिक नाम बदलकर सिंदूर ब्रिज कर दिया गया है और यह हम सभी के लिए खुशी का क्षण है।’’

उन्होंने कहा कि यह नया पुल मुंबईवासियों की सुविधा के लिए कारगर साबित होगा।

विभिन्न चुनौतियों के बावजूद समयसीमा के भीतर पुल तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने बीएमसी की प्रशंसा की।

इस अवसर पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

नार्वेकर ने पुन:निर्मित पुल का नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ करने के लिए बीएमसी को एक पत्र लिखा था।

बीएमसी ने कहा कि इस पुल से वालचंद हीराचंद मार्ग और शहीद भगत सिंह रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है और यूसुफ मेहरअली रोड, मोहम्मद अली रोड और सरदार वल्लभभाई पटेल रोड सहित महत्वपूर्ण मार्गों पर पूर्व-पश्चिम यातायात प्रवाह में सुधार होगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 05:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).