श्रीनगर, 25 अप्रैल कश्मीर के मुसलमानों ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए 26 लोगों के सम्मान में शुक्रवार को मस्जिदों में एक मिनट का मौन रखा।
शुक्रवार को घाटी की प्रमुख मस्जिदों में तकरीर के दौरान इमामों ने 22 अप्रैल को हुए हमले की निंदा की और घायलों के लिए प्रार्थना की। मस्जिदों में एकत्र हुए मुसलमानों ने मृतकों के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा। इमामों ने हमले को अस्वीकार्य बताया और कहा कि कश्मीर के लोग प्रभावित परिवारों के दुख में उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें मानवता और इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ हैं।
कई जगहों पर लोगों ने नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और अपराधियों को सजा देने की मांग की।
यहां नौहट्टा की जामिया मस्जिद में कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि इस हमले ने लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है।
उन्होंने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा, “जिस तरह से नरसंहार किया गया - दो दर्जन से अधिक लोगों की पहचान करने के बाद उनके परिवारों के सामने हत्या कर दी गई - वह चौंकाने वाला और अविश्वसनीय रूप से भयावह है।”
उन्होंने कहा कि पूर्ण बंद और विरोध प्रदर्शन करके कश्मीर के लोगों ने इस तरह की कार्रवाइयों के प्रति अपनी पूर्ण अस्वीकृति और पीड़ितों के साथ अपनी एकजुटता व सहानुभूति का एक मजबूत संदेश भेजा है।
इस बीच, यहां लाल चौक पर व्यापारियों ने हमले के विरोध में अपनी दुकानों के सामने काले झंडे फहराए।
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