लाहौर, 23 जून पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान जारी किये गये एक संयुक्त बयान में उनके देश को ‘भारत में आतंकवाद को सीमा पार से बढ़ावा देने वाला’ बताया गया है।
बृहस्पतिवार को हुई बैठकों और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद अपने संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले, और पठानकोट हमले के अपराधियों को दंडित करने की पाकिस्तान से अपील की।
बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद से निपटने में “कोई किंतु-परंतु” नहीं हो सकता है और उन्होंने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख खान ने पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की मौजूदा गठबंधन सरकार और पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की उनके फर्जी दावों तथा अमेरिका की अनगिनत यात्राओं के लिए आलोचना की।
खान ने शुक्रवार को किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, “हम पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पीडीएम से यह सवाल पूछना चाहते हैं कि सरकार में एक साल रहने और पाकिस्तान के विदेश मंत्री की अमेरिका की अनगिनत यात्राओं के बाद, भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान पाकिस्तान को भारत में सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल बाजवा ने अपने पीडीएम साथियों के साथ दावा किया कि उन्होंने (खान ने) पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है।
उन्होंने कहा, “आयातित सरकारी प्रयोग ने न केवल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अप्रासंगिक बना दिया है, बल्कि हमारा लोकतंत्र, कानून का शासन और संपूर्ण आर्थिक और संस्थागत ढांचा भी हमारी आंखों के सामने ढह रहा है।”
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