देश की खबरें | यूएपीए के कितने मामलों में 90 दिन में दाखिल हुआ आरोपपत्र : अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सख्त गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम -(यूएपीए)- के तहत दर्ज मामलों में से कितनों में 90 दिन की समयसीमा में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, इसका पूरा ब्योरा दिल्ली पुलिस से मांगा है।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस से कहा कि वह उन मामलों की भी विस्तृत जानकारी दे जिसमें 90 दिनों की समय सीमा में विस्तार के अनुरोध के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

आतंकवाद निरोधक कानून की धारा- 43डी (2) जांच एजेंसी को जांच पूरी करने और आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा देती है। हालांकि, तय समयसीमा में जांच पूरी नहीं होने पर संबंधित अदालत इस मियाद को 180 दिनों तक बढ़ा सकती है।

पीठ ने हाल के आदेश में कहा, ‘‘राज्य अगली सुनवाई से पहले आंकड़े प्रस्तुत करें.. जिसमें जानकारी हो कि यूएपीए के तहत दर्ज कितने मामलों में आरोप पत्र 90 दिनों के भीतर दाखिल किया गया, कितने मामलों में अतिरिक्त समय के लिए अनुरोध किया गया, कितना अतिरिक्त समय दिया गया और उसके बाद कितने समय में आरोप पत्र दाखिल किए गए।’’

इस पीठ में न्यायमूर्ति अनीश दयाल भी शामिल हैं।

अदालत ने यह आदेश यूएपीए के तहत दर्ज मामले के एक आरोपी की याचिका पर दिया है जिसमें उसने निचली अदालत द्वारा उसके खिलाफ दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस को आरोप पत्र दाखिल करने की 90 दिन की समय सीमा बढ़ाने की अनुमति देने वाले फैसले को चुनौती दी है।

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