देश की खबरें | बदायूं में किसानों ने आवारा गोवंश को सरकारी स्कूलों में बंद किया, डीएम ने कहा-तैयार की जा रही गौशाला

बदायूं (उत्तर प्रदेश), सात जनवरी बदायूं जिले में गौशाला के अभाव में आवारा गोवंश से फसलों को हो रहे नुकसान से बचने के लिए करीब आधा दर्जन गांवों के किसानों ने छुट़टा पशुओं को सरकारी स्‍कूलों में बंद कर उनकी रखवाली शुरू कर दी है।

बदायूं जिले के दहगवां ब्लाक (खंड विकास) के गांव रसूलपुर कलां, करिया बैन व असलौर, उझानी ब्लाक के गांव अचौरा, हजरतपुर क्षेत्र के गांव कुंडरा मजरा एवं उसावां ब्लाक के ग्राम अभिगांव में शनिवार को एकत्रित हुए किसानों ने हाथो में डंडे लेकर सैंकड़ों की संख्या में आवारा गोवंशों को हांकते हुए सरकारी स्कूलों में बंद कर दिया। उन्होंने अलग-अलग गांवों की घटना का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

सूचना पर अलग-अलग गांवों में पहुंचे पत्रकारों से बातचीत करते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवारा गोवंश उनके खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसलिए मजबूरन उन्हें स्कूल की इमारत में बंद कर दिया गया है।

किसानों का आरोप है कि इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया और आवारा मवेशी लगातार उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जिलाधिकारी (डीएम) मनोज कुमार ने बताया कि जिले के कई गांवों के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में मवेशियों के बंद होने की सूचना पर संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को तत्काल मौके पर भेजा गया और पशुओं को स्थानांतरित करने के लिए अस्थाई गऊशाला तैयार की जा रही है। डीएम ने कहा कि उनके चारे की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिले में वृहद स्तर पर कई गऊशालाओं का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके साथ ही ग्राम बितरोई में बंद पड़ी पुरानी फैक्ट्री के गोदाम व टीनशेड को भी को गोवंश आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की योजना पर विचार चल रहा है। शीघ्र ही किसानों को गोवंशों से होने वाले नुकसान से निजात दिला दी जाएगी।

पुलिस ने कहा कि अभी तक शिक्षा विभाग या स्कूल के अधिकारियों द्वारा अपने परिसर में मवेशियों को बांधने के लिए इस्तेमाल किए जाने की कोई शिकायत नहीं दी गई है और इसलिए उनकी ओर से कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

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