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जरुरी जानकारी | आवक घटने से सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में आवक घटने के बीच देश के बाजारों में शुक्रवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार आया जबकि कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन की कीमत में मामूली अंतर होने से सीपीओ में गिरावट देखी गई। साधारण कारोबार के बीच सोयाबीन तेल, पामोलीन और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

जरुरी जानकारी | आवक घटने से सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, 10 मई मंडियों में आवक घटने के बीच देश के बाजारों में शुक्रवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार आया जबकि कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन की कीमत में मामूली अंतर होने से सीपीओ में गिरावट देखी गई। साधारण कारोबार के बीच सोयाबीन तेल, पामोलीन और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग आधा प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकागो एक्सचेंज में मजबूती चल रही है।

सूत्रों ने कहा कि बड़ी कंपनियों की तरफ से सरसों की मांग बढ़ी है और उन्होंने सरसों के खरीद दाम में 50-75 रुपये क्विंटल की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि सरसों के दाम टूटने संबंधी कुछ विशेषज्ञों की आशंका को भी किसानों ने नजरअंदाज किया और वे मंडियों में सोच-समझकर अपनी ऊपज ला रहे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में सरसों किसानों की तकलीफ का कोई कारगर रास्ता निकालेगी क्योंकि उनकी ऊपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक रही है।

सूत्रों ने कहा कि पेराई मिलों को मूंगफली की पेराई करने में नुकसान झेलना पड़ रहा है क्योंकि इसकी लागत ऊंची है और महंगे दाम पर इसकी बाजार में खपत नहीं होती है। इसलिए इसकी आवक भी कम हो रही है जो मूंगफली तेल तिलहन में सुधार का मुख्य कारण है। इसी तरह आवक घटने के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम में भी सुधार है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सीपीओ और पामोलीन तेल के बीच दाम का अंतर काफी कम है। पामोलीन और सीपीओ के दाम में पांच-छह रुपये किलो का अंतर होने पर सीपीओ की खपत हो पाएगी। खपत न होने से सीपीओ में गिरावट है। आपूर्ति में सुधार और साधारण कामकाज के बीच पामोलीन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि बिनौला तेल की भी आवक काफी कम है और इसका कामकाज लगभग ठप हो चला है। बिनौला पेराई मिलें बंद हो चली हैं। बेहद साधारण कामकाज के बीच बिनौला तेल के भाव भी पूर्वस्तर पर बंद हुए।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,495-5,535 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,100-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,220-2,485 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,770-1,870 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,770-1,885 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,875 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,625 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,825 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,90 0 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,860-4,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,660-4,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2024 08:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).