जरुरी जानकारी | सप्ताह के दौरान आयातित तेलों के भव में सुधार; घरेलू तेल तिलहनों पर दबाव बरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में कुछ तेल आयातकों के बेपड़ता कारोबार के कारण बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) और सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन डीगम तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ जबकि सस्ते तेलों के आयात के दबाव में सरसों तथा सोयाबीन दाना एवं खुले के भाव में मामूली गिरावट आई।
नयी दिल्ली, 13 सितंबर देश में कुछ तेल आयातकों के बेपड़ता कारोबार के कारण बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) और सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन डीगम तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ जबकि सस्ते तेलों के आयात के दबाव में सरसों तथा सोयाबीन दाना एवं खुले के भाव में मामूली गिरावट आई।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि कुछ आयातक बैंकों में अपने साख पत्र को चलाते रहने के लिए विदेशों से पाम तेल (सीपीओ) की महंगी दर पर खरीद के बावजूद घरेलू बाजार में मांग हल्की होने के कारण अपना मामल सस्ते में निपटा रहे हैं। उनके इस बेपड़ता कारोबार से न सिर्फ घरेलू तेल उद्योग को नुकसान हो रहा है बल्कि स्थानीय तिलहन किसानों के लिए लाभदायक दाम पर अपना माल बेचना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेपड़ता कारोबार करने वालों पर अंकुश लगाना चाहिए नहीं तो देश खाद्य तेल के क्षेत्र मेंआत्मनिर्भरता की राह पर पर नहीं बढ़ पायेगा।
सूत्रों ने कहा कि इस तरह के कारोबार से बैंकों के कर्ज फसने का जोखिम बढ़ा है।
सूत्रों ने कहा कि मांग न होने से गुजरात में बिनौली खली के भाव टूटे हैं जिससे तेल कीमतों में सुधार आया। बिनौला तेल पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 350 रुपये का सुधार प्रदर्शित करता 8,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।
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दूसरी ओर सस्ते आयात बढ़ने के बीच मांग होने के बावजूद सरसों दाना सहित! सरसों तेल कीमतों में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले गिरावट का रुख दिखा। सरसों दाना पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 10 रुपये की हानि के साथ 5,350-5,400 रुपये प्रति क्विन्टल पर, सरसों दादरी 160 रुपये की हानि के साथ 10,520 रुपये क्विन्टल, सरसों पक्की और कच्ची घानी 15-15 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 1,650 - 1,790 रुपये और 1,760-1,880 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।
मूंगफली की निर्यात मांग बढ़ने के कारण मूंगफली दाना सहित इसके तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। मूंगफली दाना के भाव पिछले सप्ताहांत के 4,710-4,760 रुपये के मुकाबले 25 रुपये के सुधार के साथ 4,735-4,785 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। जबकि मूंगफली गुजरात 50 रुपये सुधार के साथ 12,250 रुपये क्विन्टल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड पांच रुपये के सुधार के साथ 1,790-1,850 रुपये टिन पर बंद हुए।
देश में मांग न होने के बावजूद बेपड़ता कारोबार के कारण सीपीओ और सोयाबीन कीमतों में भी सुधार देखने को मिला। सीपीओ की कीमत पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 110 रुपये का सुधार दर्शाती 7,650-7,700 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। पामोलीन दिल्ली के भाव पूर्ववत रहे जबकि पामोलीन कांडला की कीमत 50 रुपये सुधरकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 8,350 रुपये क्विन्टल पर बंद हुई।
सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र की सांगली मंडी में सोयाबीन की आवक बढ़ रही है और किसानों को अपनी जरुरतों के लिए अपनी फसल को औने पौने दाम में निपटाना पड़ रहा है। इसके अलावा बेपड़ता कारोबार की वजह से सोयाबीन डीगम का आयात भी बढ़ रहा है। इससे सोयाबीन दाना की मांग प्रभावित होने से सोयाबीन दाना और लूज में गिरावट दर्ज हुई। लेकिन दूसरी ओर बेपड़ता कारोबार की वजह से पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 50 रुपये और 100 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 9,600 रुपये और 8,500 रुपये क्विन्टल पर बंद हुए। पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सोयाबीन इंदौर 10 रुपये की मामूली हानि के साथ 9,350 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।
उन्होंने बताया कि सहकारी संस्था नाफेड बहुत सोच समझ के साथ सरसों की बिकवाली कर रही है क्योंकि आगे त्योहारी मांग होने वाली है और अगली फसल आने में अभी छह-सात महीने की देर है। व्यापारियों और तेल मिलों के पास सरसों का जरा भी स्टॉक नहीं है और सरकार को सहकारी संस्था नाफेड के माध्यम से कम से कम 15 लाख टन सरसों का भंडार रखना चाहिये। अगली फसल आने तक देश में लगभग 35 से 40 लाख टन सरसों की मांग रहेगी और सहकारी संस्थाओं को स्टॉक बचाये रखते हुए सीमित मात्रा में बिकवाली की ओर ध्यान देना होगा क्योंकि जाड़े में हरी सब्जियों के मौसम में सरसों की खपत बढ़ जाती है। इस तेल का विकल्प भी नहीं है।
राजेश
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2020 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

