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जरुरी जानकारी | मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में सुधार के बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला तेल और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार हुआ जबकि आयातित सूरजमुखी तेल सबसे सस्ता होने से सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन कीमतों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला में सुधार

नयी दिल्ली, 15 जून विदेशी बाजारों में सुधार के बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला तेल और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार हुआ जबकि आयातित सूरजमुखी तेल सबसे सस्ता होने से सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन कीमतों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में सुधार रहा और शिकॉगो एक्सचेंज में भी फिलहाल सुधार का रुख है।

कारोबारी सूत्रों ने रिफाइंड सूरजमुखी और सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत करने के फैसले पर कहा कि अगर सरकार ने यह सोचकर यह कदम उठाया है कि इससे रिफाइंड सूरजमुखी और सोयाबीन तेल का आयात बढ़ेगा तो उसे जमीनी स्थिति को और परखना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन कच्चा तेल पर 4.75-5 रुपये प्रति किलो का आयात शुल्क लगता है जबकि रिफाइंड सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को घटाये जाने के बाद भी 12-12.50 रुपये किलो का आयात शुल्क लगेगा। इन दोनों तेलों के बीच शुल्क अंतर 7-7.5 रुपये किलो होगा।

दूसरी तरफ, भारत में कच्चा सोयाबीन तेल को रिफाइंड करने में 3-3.50 रुपये प्रति किलो का खर्च आता है। इस तरह कच्चा सोयाबीन आयात कर रिफाइंड बनाने पर जो खर्च बैठेगा वह 12-12.50 रुपये प्रति किलो आयात शुल्क के मुकाबले काफी कम बैठेगा। ऐसे में रिफाइंड सोयाबीन आयात से लोग परहेज करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, विदेशों से मई के महीने में भारत भेजने के लिए खाद्य तेलों की लदान हुई है, उसमें चार लाख टन सोयाबीन तेल और 3.5 लाख टन सूरजमुखी तेल शामिल हैं। इन्हीं सस्ते ‘साफ्ट आयल’ (नरम तेल) का आयात बढ़ने से देश के तेल उद्योग को गहरा नुकसान हो रहा है। इस आयात की खेप जून तक आएगी जबकि सूरजमुखी के आगे महंगा बैठने से सीपीओ का आयात घटा है।

सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी तेल के सस्ता होने की वजह से सोयाबीन तेल भी बाजार में खप नहीं रहा है लेकिन भाव ऊंचा बोले जाने से इसमें सुधार है। दूसरी ओर निर्यात मांग होने के कारण मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में सुधार आया।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,745-4,845 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,425-6,485 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,400-2,675 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,575 -1,655 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,575 -1,685 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,090-5,165 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,865-4,940 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 15, 2023 09:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).